अपडेट: राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए गोरखपुर के नवीन त्रिपाठी का चयन
पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय उनवल प्रथम में नवाचार से बदली पढ़ाई की तस्वीर, 125 से

गोरखपुर, निज संवाददाता। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, बच्चों की शैक्षणिक प्रगति और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सफलता दिलाने जैसे कार्यों के लिए पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय उनवल प्रथम के सहायक अध्यापक नवीन कुमार त्रिपाठी का चयन उत्तर प्रदेश राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए हुआ है।
विद्यालय का नामांकन
बांसगांव क्षेत्र के पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय उनवल प्रथम में वर्ष 2018 में उनकी नियुक्ति के समय करीब 125 बच्चों का नामांकन था। शैक्षणिक और भौतिक परिवेश को बेहतर बना अभिभावकों का विश्वास बढ़ाने और बच्चों की नियमित उपस्थिति पर विशेष काम करने से विद्यालय में नामांकन बढ़कर अब 348 पहुंच गया है।
शिक्षण की विधि
नवीन त्रिपाठी बताते हैं कि स्कूल में पढ़ाई को रोचक और व्यवहारिक बनाने के लिए आउटडोर लर्निंग पर भी जोर दिया जाता है। जैसे विज्ञान की पढ़ाई के दौरान सरसों के पौधे के बारे में बताने के बाद बच्चों को खेत में ले जाकर प्रत्यक्ष रूप से उसका अध्ययन कराया गया। इस तरह बच्चों को खेल-खेल में और आसपास के वातावरण से जोड़कर पढ़ाने का प्रयास किया जाता है। विद्यालय में विज्ञान प्रयोगशाला के माध्यम से भी विद्यार्थियों को करके सीखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता
नवीन त्रिपाठी ने बच्चों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार किया। विद्यालय के विद्यार्थियों का राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा (एनएमएमएस) में वर्ष 2020 से लगातार चयन हो रहा है। पहले वर्ष दो बच्चों ने सफलता हासिल की थी। इसके बाद तीन और चार विद्यार्थियों का चयन होता रहा, जबकि वर्ष 2025 में विद्यालय के पांच बच्चों ने परीक्षा उत्तीर्ण की।
अगले कदम
विद्यालय के बच्चे श्रेष्ठा परीक्षा के साथ अटल आवासीय विद्यालय, सैनिक स्कूल और स्पोर्ट्स कॉलेज की चयन परीक्षाओं में भी लगातार सफलता प्राप्त कर रहे हैं। नवीन त्रिपाठी ने कहा कि राज्य अध्यापक पुरस्कार उनके लिए किए गए अच्छे कार्यों का प्रतिफल और आगे बेहतर करने की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि बीएसए धीरेंद्र त्रिपाठी और जिला समन्वयक विवेक जायसवाल का विशेष सहयोग मिल रहा है।
गौरव की बात
नवीन कुमार त्रिपाठी का राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयन गोरखपुर के बेसिक शिक्षा विभाग के लिए गौरव की बात है। यह सम्मान उनके उत्कृष्ट कार्यों की पहचान है और जिले के अन्य शिक्षकों को भी नवाचार तथा बेहतर शिक्षण के लिए प्रेरित करेगा।
धीरेंद्र त्रिपाठी, बीएसए


