महिला से मारपीट का आरोप रिंकू पर, बेगुनाह अरुण ने लॉकअप में काटी रात
कानपुर, दक्षिण संवाददाता। गुजैनी पुलिस की लापरवाही की वजह से एक बेगुनाह को रातभर वजह से एक बेगुनाह को रातभर

कानपुर, दक्षिण संवाददाता। गुजैनी पुलिस की लापरवाही की वजह से एक बेगुनाह को रातभर में लॉकअप में रहना पड़ा। दरअसल, बर्रा-8 में महिला को 20 सेकेंड में आठ चप्पलें और 11 थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल हुआ था। पीड़िता ने देवर और उसके दोस्तों पर आरोप लगाया था। पुलिस ने देवर, उसके दोस्त के साथ ही बेकसूर अरुण गुप्ता को भी हवालात में डाल दिया था। अगले दिन उसकी पत्नी और मार खाने वाली महिला ने डीसीपी साउथ से मिलकर हकीकत बताई तब उसे छोड़ा गया। वीडियो वायरल होने के बाद महिला ने बताया था कि देवर को दोस्त संदीप सचान उन पर बुरी नजर रखता है। विरोध किया तो ससुराल वाले ताने मारने लगे और वह फर्नीचर कारीगर पति के साथ दूसरी जगह रहने लगी। 15 दिन से पति की तबीयत खराब होने पर मंगलवार दोपहर वह ससुराल पहुंची। यहां पर देवर, उसके दोस्त संदीप सचान, रिंकू सिंह समेत दो अन्य लोगों ने उसके साथ मारपीट की। बुधवार को वीडियो वायरल होने के बाद गुजैनी पुलिस ने आरोपी देवर व संदीप सचान को गिरफ्तार किया। इसके बाद तीसरे आरोपित रिंकू सचान की जगह क्षेत्र के ही अरुण गुप्ता को थाने ले आई। आरोप है कि अरुण बार-बार कहता रहा कि वह बेगुनाह है, उसने अपना आधार कार्ड भी दिखाया लेकिन थानेदार ने एक न सुनी। जानकारी पर पत्नी प्रीति थाने पहुंची पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद गुरुवार सुबह मार खाने वाली महिला व प्रीति डीसीपी साउथ दीपेंद्रनाथ चौधरी से मिली और सारी हकीकत बताई। उनके आदेश पर अरुण को छोड़ा गया.
अपना कुसूर पूछा तो चुप रहने की दे डाली हिदायत
अरुण की गलत गिरफ्तारी पर छोटे भाई शिवशंकर गुप्ता पुलिस पर जमकर बरसे। प्रीति के साथ डीसीपी कार्यालय पहुंचे शिवशंकर ने कहा कि आलाधिकारियों की नजरों में तारा बनने के चक्कर में गुजैनी पुलिस ने उनके भाई को एक दिन लॉकअप में रखा। शिवशंकर के मुताबिक भाई अरुण रायबरेली में फाइनेंस सेक्टर में जॉब करता है। बुधवार को घर आने के बाद सुबह दाढ़ी बनवाने मोहल्ले की दुकान गया था। वहां से पुलिस ने उसे पकड़ लिया। अरुण पुलिस वालों से पूछता रहा कि उसका दोष क्या है तो पुलिस वालों ने चुप रहने की हिदायत दे डाली.
गुजैनी थाने के बाहर महिला को घेरे हुए वीडियो वायरल
मंगलवार दोपहर मारपीट के बाद महिला बच्चे को गोद में लेकर गुजैनी थाने पहुंची, जहां ससुरालीजनों व आरोपितों ने उन्हें घेर लिया और अभद्रता की। मामले से जुड़ा 3 मिनट 2 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वीडियो गुजैनी थाने के बाहर का बताया जा रहा है। हालांकि, आपका अपना अखबार ‘हिन्दुस्तान’ वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.
कोट
पीड़िता ने देवर, उसके दोस्त संदीप सचान व एक अन्य के खिलाफ रिपोर्ट कराई थी। पीड़िता के पहचान करने के बाद ही अरुण गुप्ता को थाने लाया गया था। वायरल वीडियों की ठीक से जांच की गई तो मारपीट का आरोपी ट्रक चालक रिंकू निकला। इसके बाद अरुण को छोड़ दिया गया। रिंकू की तलाश की जा रही है। जांच में पुलिस की गलती सामने आएगी तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी.
- दीपेंद्रनाथ, चौधरी, डीसीपी साउथ


