महंगाई और बढ़ने के आसार
जून में खुदरा महंगाई फिर तेज हो सकती है। मिंट के सर्वे में अर्थशास्त्रियों ने अनुमान जताया है कि महंगाई दर 4.2 फीसदी रह सकती है। पेट्रोल-डीजल और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी इसका मुख्य कारण है। यदि ऐसा होता है, तो यह आरबीआई के तय लक्ष्य से ऊपर आएगी।

नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। जून में खुदरा महंगाई (सीपीआई) फिर तेज झटका दे सकती है। मिंट के सर्वे में अर्थशास्त्रियों ने अनुमान जताया है कि बीते महीने महंगाई दर 4.2 फीसदी रह सकती है, जबकि मई में यह 3.9 फीसदी थी। आधिकारिक आंकड़े 13 जुलाई को जारी होंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में मई के दौरान हुई बढ़ोतरी का पूरा असर जून में दिखाई देगा। इसके अलावा खाद्य वस्तुओं, खासकर सब्जियों और अनाज की कीमतों में आई तेजी ने भी महंगाई बढ़ाने का काम किया है। यदि अनुमान सही साबित होता है तो जनवरी 2025 के बाद पहली बार महंगाई आरबीआई के तय लक्ष्य से ऊपर जाएगी।
हालांकि, यह अब भी केंद्रीय बैंक के 2 से 6 फीसदी के स्वीकार्य दायरे में रहेगी। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि बढ़ती महंगाई के बीच अगस्त में आरबीआई ब्याज दरों में फिलहाल बदलाव नहीं करेगा।
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