मौत के बाद चार लोगों को नया जीवन देकर ‘हीरो’ बन गए गौरव
इंदौर के गौरव दवे, जो एक अभिनेता थे, अचानक ब्रेन हैमरेज के बाद ब्रेन डेड घोषित हुए। उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार, उनके अंग चार व्यक्तियों को दिए गए, जिससे उन्हें नया जीवन मिला। इस योगदान के लिए गौरव को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। उनकी कहानी हमें अंगदान के महत्व का एहसास कराती है।

इंदौर, एजेंसी। मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी गौरव दवे अभिनय की दुनिया में पहचान बनाने की कहानी भले पूरी नहीं लिख सके, लेकिन अपनी जिंदगी के ‘द एंड’ पर वे चार परिवारों के लिए असली ‘हीरो’ बन गए। ब्रेन डेड घोषित होने के बाद गौरव की इच्छानुसार उनके अंगदान किए गए, जिसने चार लोगों को नया जीवन दिया। इंदौर के रहने वाले 25 वर्षीय गौरव दवे एक्टिंग के साथ कास्टिंग का काम करते थे। उन्होंने तेलुगु फिल्म और वेब सीरीज में काम भी किया था, लेकिन कुछ दिन पहले अचानक उन्हें ब्रेन हैमरेज हो गया। 13 जुलाई से एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था।
गौरव के दोस्तों और परिजनों ने बताया कि बीच में कुछ सुधार होने पर गौरव ने अंतिम इच्छा जताते हुए कहा था कि अगर वह अस्पताल से जीवित नहीं लौटते हैं तो उनके अंगदान कर दिए जाएं। इसके बाद से उनकी हालत लगातार बिगड़ती रही। रविवार को चिकित्सकों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया तो परिवार ने इकलौते बेटे की इच्छा का सम्मान करते हुए अंगदान का फैसला लिया।अधिकारियों ने बताया कि गौरव का दिल एयरलिफ्ट के जरिये अहमदाबाद भेजा गया, जिससे वहां एक मरीज को नया जीवन मिला। वहीं, उनका लिवर और दोनों किडनियां इंदौर में ही तीन मरीजों में ट्रांसप्लांट किए गए। राज्य सरकार के नियमानुसार गौरव को उनके इस अतुलनीय योगदान के लिए ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ के साथ अंतिम विदाई दी गई। असमय मृत्यु से गौरव की अभिनय यात्रा भले ही थम गई, लेकिन दान दिए अंगों के जरिये वे चार अजनबियों की सांसों में जिंदा रहेंगे।


