ड्रोन में दिखी विकसित भारत की उड़ान, रंगों से सजा वैज्ञानिक प्रगति का संदेश
महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में भारतीय अंतरिक्ष सप्ताह के तहत 12 से 18 अगस्त तक ड्रॉइंग और पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। छात्रों ने ड्रोन प्रौद्योगिकी, स्वतंत्रता दिवस और भारत की वैज्ञानिक-तकनीकी प्रगति पर चित्र बनाए। कुलपति ने ड्रोन तकनीक के विभिन्न उपयोगों की चर्चा की और विद्यार्थियों की रचनात्मकता को सराहा।

बरेली, वरिष्ठ संवाददाता। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में भारतीय अंतरिक्ष सप्ताह के तहत 12 से 18 अगस्त तक आयोजित गतिविधियों की श्रृंखला में ड्रॉइंग एवं पेंटिंग प्रतियोगिता हुई। विद्यार्थियों ने ड्रोन प्रौद्योगिकी एवं विकसित भारत, स्वतंत्रता दिवस और भारत की वैज्ञानिक-तकनीकी प्रगति तथा अंतरिक्ष एवं आधुनिक प्रौद्योगिकी विषयों पर चित्र बनाकर विज्ञान, तकनीक और राष्ट्रप्रेम का रचनात्मक संगम प्रस्तुत किया। चित्रों में तिरंगा, ड्रोन, उपग्रह, अंतरिक्ष यान और विकसित भारत की परिकल्पना प्रमुख रही। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि ड्रोन तकनीक कृषि, आपदा प्रबंधन, सर्वेक्षण, सुरक्षा, स्वास्थ्य और संचार समेत अनेक क्षेत्रों में उपयोगी है। ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में नवाचार और अनुसंधान की संभावनाएं बढ़ाती हैं।
सांस्कृतिक समन्वयक डॉ. ज्योति पांडेय ने कहा कि प्रतियोगिता से विद्यार्थियों की रचनात्मकता के साथ अंतरिक्ष विज्ञान, ड्रोन तकनीक और अनुसंधान के प्रति रुचि बढ़ रही है। आयोजन में कुलसचिव महेंद्र सिंह, डॉ. ज्योति पांडेय, डॉ. रीना पंत, शिक्षकों, सहयोगियों और कल्चरल क्लब का योगदान रहा। आर्यन शर्मा, अनुष्का, आदित्य, प्रियांशी, अर्पित, कृतिका, तनिष्क, साक्षी, आरव, नंदिनी, हर्षित, खुशी, रिया, आयुष, पलक, शिवांश, अंजलि, वैष्णवी, भवलीन, अभिषेक व श्रुति सहित अनेक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
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