नया कानून लागू, एक दिन में वसूला 41 लाख जुर्माना
गोरखपुर में जन विश्वास अधिनियम को लागू किया गया है, जिसके तहत बिना टिकट यात्रा करने पर जुर्माना राशि को 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। एनईआर ने एक दिन में 41 लाख रुपये जुर्माना वसूला है। टिकट चेकिंग में तेज़ी लाई गई है। 13 साल बाद यह पहली बार जुर्माना बढ़ाया गया है।

गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। जन विश्वास अधिनियम को एनईआर में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इसके तहत सबसे पहले 20 जून की रात में गोरखपुर से चलने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस में बढ़ी हुई जुर्माने की राशि वसूल की गई। इस ट्रेन में कुल 90 केस बनाकर 80000 रुपये वसूला गया। वहीं, नई व्यवस्था लागू होने के बाद एनईआर ने एक दिन में 41 लाख रुपये जुर्माना वसूला है। नया अधिनियम लागू होने के पहले एनईआर में एक दिन में वसूली जाने वाली जुर्माने की रकम करीब 31 लाख रुपये होती थी। दरअसल, भारतीय रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए जुर्माने की राशि दोगुनी कर दी है। रेल मंत्रालय की नई अधिसूचना के अनुसार अब कोई यात्री बिना टिकट या गलत टिकट के साथ यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे यात्रा का पूरा किराया चुकाने के साथ कम से कम 500 रुपये अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा। पहले यह राशि 250 रुपये थी। रेलवे के अनुसार, नए प्रावधानों का उद्देश्य बिना टिकट यात्रा, टिकटों के दुरुपयोग और रेलवे परिसरों में होने वाले नियम उल्लंघनों पर अंकुश लगाना है。
13 साल बाद बढ़ी जुर्माने की राशि
वर्ष 2013 में रेलवे ने बिना टिकट यात्रा पर लगने वाला जुर्माना 50 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये किया था। अब करीब 13 साल बाद इसे बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है।
सभी रूटों पर टिकट चेकिंग तेज
एनई रेलवे के सभी रूटों पर टिकट चेकिंग तेज कर दी गई है। गोरखपुर-लखनऊ रूट की ट्रेनों पर विशेष निगरानी की जा रही है। हालांकि पूर्वोत्तर रेलवे में 20 जून के पहले तीनो मंडलों में रोजाना 4000 बेटिकट/अनियमित यात्री पकड़े जाते थे। 20 जून की रात से इस संख्या में मामूली गिरावट आई है। बीते तीन दिन से रोजाना औसतन 3950 केस बन रहे हैं।


