इरिमी और बीसीई के बीच 5 साल का शैक्षणिक सहयोग
जमालपुर में भारतीय रेल यांत्रिक एवं विद्युत इंजीनियरिंग संस्थान (इरिमी) और भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (बीसीई) के बीच पांच वर्षों के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान आईआरएमएस के अधिकारियों को यांत्रिक एवं विद्युत अभियंत्रण में आधुनिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

जमालपुर, निज प्रतिनिधि।भारतीय रेल के तकनीकी एवं प्रबंधकीय मानव संसाधन को और दक्ष बनाने की दिशा में एक और कदम भारतीय रेल यांत्रिक एवं विद्युत इंजीनियरिंग संस्थान (इरिमी), जमालपुर ने बढ़ा दिया है। इरिमी महानिदेशक अनिमेष कुमार सिन्हा की अगुवाई में शुक्रवार को इरिमी और भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (बीसीई) के बीच दीर्घकालिक शैक्षणिक एवं तकनीकी सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुआ। समझौता पांच वर्षों के लिए किया गया है। इस दौरान इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सर्विस (आईआरएमएस) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों को यांत्रिक एवं विद्युत अभियंत्रण से जुड़े विभिन्न विषयों में आधुनिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। समझौता पर इरिमी महानिदेशक अनिमेष कुमार सिन्हा एवं बीसीई भागलपुर के प्रतिनिधि आचार्य कुमार ज्योतिरादित्य की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। मौके पर इरिमी डीन प्रेम प्रकाश, संकायाध्यक्ष एवं वरिष्ठ आचार्य (आरएसटी) राजीव कुमार, वरिष्ठ आचार्य (डब्लूएमटी), सेक्रेटरी टू डीजी प्रसेनजीत कुमार, आचार्य (प्रशासन) शिशिरचंद्र शेखर समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे。
भारतीय रेल में तेजी से हो रहा तकनीकी बदलाव:
महानिदेशक अनिमेष कुमार सिन्हा ने कहा कि भारतीय रेल में तकनीकी बदलाव तेजी से हो रहे हैं। ऐसे में आईआरएमएस अधिकारियों के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक एवं बहुविषयक समझ बेहद जरूरी है। इरिमी और बीसीई के बीच यह समझौता प्रशिक्षण को शैक्षणिक विशेषज्ञता और व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने का महत्वपूर्ण व सशक्त माध्यम बनेगा। वहीं डीन प्रेम प्रकाश ने कहा कि तकनीकी शिक्षा को प्रयोगशाला आधारित और व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ना समय की जरूरत है। इससे दोनों संस्थानों के बीच तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और मानव संसाधन विकास को नई गति मिलेगी।


