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देशकैसे काम पर लौटेंगे प्रवासी? ट्रेनों में टिकट नहीं, जून तक है तीन सौ वेटिंग, जानें बिहार से लेकर यूपी-झारखंड का हाल

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Shankar Pandit
Fri, 11 Jun 2021 10:00 AM
कैसे काम पर लौटेंगे प्रवासी? ट्रेनों में टिकट नहीं, जून तक है तीन सौ वेटिंग, जानें बिहार से लेकर यूपी-झारखंड का हाल

भारतीय रेलवे अब अनलॉक होने लगी है। प्रवासी काम की तलाश में महानगरों की ओर वापसी करने लगे हैं। बीस दिन पहले जिन ट्रेनों को 20 फीसदी तक यात्री नसीब नहीं थे, उनमें अब वेटिंग तीन सौ पार है। आक्यूपेंसी का स्तर भी 40 से चढ़कर 140 प्रतिशत तक पहुंच गया है। खासकर पूर्वांचल, बिहार-झारखंड से महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली की ओर जाने वाले अधिकांश ट्रेनों में यह स्थिति है। गुरुवार को ‘हिन्दुस्तान’ ने चार राज्यों में ट्रेनों के संचालन और सीटों की उपलब्धता पर पड़ताल की, तो यह तथ्य सामने आए। 

कोरोना की दूसरी लहर में ट्रेनों के संचालन की स्थिति अलहदा रही। ट्रेनों के पहिए पूरी तरह नहीं थमे। यात्रियों की संख्या और जरूरत के हिसाब से ट्रेनें चलती रहीं। अप्रैल-मई में कम यात्रियों के कारण कई ट्रेनों को रद करना पड़ा। अब हालात सुधर रहे हैं। कहीं स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ाए जा रहे हैं, तो कहीं नई ट्रेनें चलाए जाने की तैयारी है।

यूपी की ट्रेन में जुलाई माह तक सीट नहीं
गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज हो या पश्चिम में मेरठ, आगरा, बरेली और मुरादाबाद सभी स्टेशनों से चलने वाली ट्रेनों में क्षमता से ज्यादा भीड़ होने लगी है। कुछ में तो पूरे जुलाई महीने तक सीट उपलब्ध नहीं है। सबसे अधिक भीड़ मुंबई के लिए है। मुंबई-पुणे की ट्रेनों में इन दिनों 140 फीसदी से ज्यादा सीट आक्यूपेंसी है। दिल्ली के लिए भी सीट आक्यूपेंसी 125 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है। दक्षिण भारत को जोड़ने वाली राप्तीसागर, कामायनी, केरला और तमिलनाडु एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का भी यही हाल है। पूर्वोत्तर रेलवे ने पहले चरण में 10 ट्रेनों का संचालन 13 जून तक शुरू करने की घोषणा की है जबकि 22 ट्रेनों का संचालन रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिलते ही शुरू हो जाएगा। इन ट्रेनों का संचालन लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल करेंगे। उत्तर रेलवे भी 14 जून से कुछ ट्रेनों का संचालन शुरू करने जा रहा है।

बिहार की ट्रेन में यात्रियों की भारी संख्या
कमोवेश बिहार की ट्रेनों में भी पिछले एक सप्ताह से यात्रियों भीड़ बढ़ी है। पटना से नई दिल्ली, मुंबई, यशवंतपुर, सिकंदराबाद, वास्कोडिगामा, पुणे, एर्नाकुलम, हावड़ा और बंगलुरु की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों में लंबी वेटिंग (दो सौ से चार सौ के मध्य) चल रही है। राज्य के विभिन्न स्टेशनों से ट्रेनें पूरी क्षमता के साथ चलने लगी है। पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पाटलिपुत्र, दानापुर, राजेंद्र नगर टर्मिनल समेत राज्य के अलग-अलग स्टेशनों से विभिन्न राज्यों को जाने वाली सभी ट्रेनों में 100 फीसदी सीटें भर जा रही हैं।

झारखंड में अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन का परिचालन शुरू
झारखंड में भी ट्रेनों में भीड़ बढ़ी है। रांची से गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली की ट्रेनों में आरक्षित बर्थ नहीं है। आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग महानगरों की ओर रवाना हो रहे हैं। हटिया पुणे एक्सप्रेस में टू एस श्रेणी में 122 वेटिंग, स्लीपर में 280, थर्ड एसी में 64 वेटिंग चल रही हैं। इसके अलावा मुंबई जाने वाली हटिया-एलटीटी स्पेशल ट्रेन में टू एस श्रेणी में 139, स्लीपर में 240, थर्ड एसी में 70 और सेकेंड एसी में 14 वेटिंग चल रही है। दिल्ली जाने वाली गरीबरथ एक्सप्रेस में 332 वेटिंग चल रही हैं। पूरे जून माह में यही स्थिति है। यात्रियों की भीड़ को कम करने के लिए रेलवे की ओर से पुणे और यशवंतपुर के लिए अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों का परिचालन भी शुरू कर दिया गया हैं।

दिल्ली में मई के मुकाबले जून में आक्यूपेंसी 200 फीसदी पहुंची
विभिन्न राज्यों से राजधानी दिल्ली में आने वाली रेलगाड़ियों में मई के मुकाबले जून में आक्यूपेंसी 200 फीसदी तक पहुंच गई है। कोरोना संक्रमण के चलते पहले जहां कम लोग यात्रा कम कर रहे थे। वहीं अनलॉक के बाद अब रेल यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ी है। मांग को देखते हुए रेलवे ने व्यस्त मार्गों पर फेरे बढ़ाए हैं। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर ट्रेन में केवल आरक्षित टिकट वाले यात्रियों को सफर करने की अनुमति है, जिससे सामाजिक दूरी बनाए रखने में परेशानी न आए। आंकड़ों के मुताबिक, ट्रेन संख्या 03483 जो मालदा से पुरानी दिल्ली के बीच चलती है, आठ जून को उसकी आक्यूपेंसी 222 फीसदी थी। यानि 122 लोग ऐसे थे, जिन्होंने टिकट तो बुक करवाई लेकिन सीट न होने से वह दिल्ली नहीं आ पाए। ठीक एक महीने पहले सात मई को इस ट्रेन में 78 फीसदी आक्यूपेंसी थी, यानि 22 फीसदी सीट खाली थी। ट्रेन में सीट होते हुए भी कोई इसमें लोग सफर नहीं कर रहे थे। दिल्ली से जाने वाली रेलगाड़ियां खासकर बिहार की आक्यूपेंसी भी 100 फीसदी चल रही है। जैसे की नई दिल्ली से राजगीर जाने वाली ट्रेन संख्या 02392 में आठ जून को 117 फीसदी आक्यूपेंसी थी।

निरस्त ट्रेनें पटरी पर लौटेंगी
यात्रियों की संख्या बढ़ने पर रेलवे ने निरस्त की गई ट्रेन फिर पटरी पर लाने का निर्णय लिया है। उत्तर रेलवे ने 33 जोड़ी रेलगाड़ियां फिर चलाने का फैसला किया है। रेलवे के मुताबिक आनंद विहार से दानापुर एक्सप्रेस 11 जून से, 12 जून से पुरानी दिल्ली से टनकपुर पूर्णगिरी जनशताब्दी एक्सप्रेस, 14 जून से नई दिल्ली से आगरा छावनी और बरेली इंटरसिटी भी शुरू की जा रही है। इसी तरह 18 जून तक काठगोदाम, चेन्नई, ऊना, मडगांव, जयपुर, ऊधमपुर आदि के लिए रेलगाड़ियां शुरू की जा रही हैं।

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