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Hindi News देशदुश्मनों की खैर नहीं; 4 तापस ड्रोन के लिए ऑर्डर देगी नौसेना, समुद्र की निगरानी होगी अचूक

दुश्मनों की खैर नहीं; 4 तापस ड्रोन के लिए ऑर्डर देगी नौसेना, समुद्र की निगरानी होगी अचूक

रिपोर्ट के मुताबिक, तापस ड्रोन का ट्रायल रक्षा बलों की ओर से किया गया है। इन परीक्षणों के दौरान वे 28,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचने में कामयाब रहे और 18 घंटे से अधिक समय तक उड़ सकते थे।

दुश्मनों की खैर नहीं; 4 तापस ड्रोन के लिए ऑर्डर देगी नौसेना, समुद्र की निगरानी होगी अचूक
Niteesh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSat, 22 Jun 2024 09:41 PM
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भारतीय सेना देश के भीतर बने वेपन सिस्टम को लगातार बढ़ावा देने में जुटी है। इसी कड़ी में नेवी अब DRDO की ओर से निर्मित 4 तापस ड्रोन के लिए ऑर्डर देने को तैयार है। नौसेना समुद्री क्षेत्र पर निगरानी के लिए इन ड्रोन का इस्तेमाल कर सकती है। रक्षा अधिकारियों ने बताया, 'भारतीय नौसेना चार तापस ड्रोन का ऑर्डर देने जा रही है। इनका इस्तेमाल समुद्री निगरानी ऑपरेशन के लिए किया जा सकता है। ये ड्रोन भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की टीम ने मिलकर तैयार किया है।'

अधिकारियों ने बताया, 'तापस ड्रोन की डिलीवरी तेजी से करने का प्लान है। इसे लेकर करार पर हस्ताक्षर करने के 24 महीनों के भीतर पहली खेप भेजी जा सकती है। फिलहाल इस्तेमाल में लाए जा रहे ड्रोन का इस्तेमाल ट्रायल के लिए किया जाएगा। साथ ही, उनकी क्षमताओं में सुधार के लिए भी मदद ली जाएगी।' यह ध्यान देने वाली बात है कि तापस ड्रोन अब तक के ट्रायल में रक्षा बलों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पाए हैं। हालांकि, डीआरडीओ तापस मीडियम-एल्टीट्यूड, लॉन्ग एंड्योरेंस (MALE) को और डेवलप करने में जुटा है।

28,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचने में कामयाब 
तापस ड्रोन का ट्रायल रक्षा बलों की ओर से किया गया है। इन परीक्षणों के दौरान वे 28,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचने में कामयाब रहे और 18 घंटे से अधिक समय तक उड़ सकते थे। एक ड्रोन को कर्नाटक के चित्रदुर्ग में हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने के बाद कुछ घंटों के लिए अरब सागर के ऊपर ऑपरेट किया गया था। दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिला स्थित सेना की उत्तरी कमान जल्द ही ASMI सबमशीन गन को शामिल करेगी, जिससे उत्तरी कमान को और मजबूती मिलेगी। सूत्रों ने कहा कि हैदराबाद स्थित लोकेश मशीन लिमिटेड से निर्मित एएसएमआई सबमशीन गन को आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत शामिल करने के लिए उत्तरी कमान पूरी तरह तैयार है।