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चीन की मछुआरों को धमकी, अंतरराष्ट्रीय ताकतों की दखल; हिंद-प्रशांत को लेकर नेवी चीफ ने चेताया

नेवी चीफ ने कहा कि चीनी सेना की ओर से मछुआरों को धमकाने से दक्षिण चीन सागर में स्थापित आचार संहिता का उल्लंघन बढ़ा है। यह स्थिति साफ तौर पर समुद्र के अनुशासन के लिए खतरा पैदा करती है।

चीन की मछुआरों को धमकी, अंतरराष्ट्रीय ताकतों की दखल; हिंद-प्रशांत को लेकर नेवी चीफ ने चेताया
Niteesh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 15 Nov 2023 08:45 PM
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भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बहुराष्ट्रीय ताकतों की बढ़ती उपस्थिति को लेकर आगाह किया है। साथ ही उन्होंने इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अलग-अलग व्याख्याओं पर चिंता जताई। सीएनएस ने कहा कि डर इस बात का है कि ऐसे स्थिति में क्षेत्र के ग्लोबल कॉमन्स 'कंटेस्टेड सीज' में बदल जाएंगे। उन्होंने कहा कि चीनी सेना की ओर से मछुआरों को धमकाने से दक्षिण चीन सागर में स्थापित आचार संहिता का उल्लंघन बढ़ा है। यह स्थिति साफ तौर पर समुद्र के अनुशासन के लिए खतरा पैदा करती है।

हरि कुमार ने कहा, 'दक्षिण चीन सागर में नाजुक सुरक्षा स्थिति है जहां चीनी मिलिशिया या उसकी नौसेना की ओर से मछुआरों सहित छोटी नौसेनाओं को धमकाने की घटनाएं बढ़ी हैं। इसके अलावा आपसी सहमति से बने कोड के उल्लंघन के मामले तकरीबन हर हफ्ते आ रहे हैं। इस तरह की चीजें समुद्र में अच्छी व्यवस्था और अनुशासन के लिए खतरा पैदा करती हैं।' उन्होंने कहा कि अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती रोधी गश्त समेत दूसरे मिशनों के लिए अतिरिक्त-क्षेत्रीय बलों के 50 से अधिक युद्धपोत हिंद महासागर क्षेत्र में तैनात हैं। साथ ही इंडो-पैसिफिक में भी नौसैनिकों की बड़ी उपस्थिति है। मल्टी-नेशनल फोर्स की बढ़ती उपस्थिति और अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अलग-अलग व्याख्याएं ठीक नहीं हैं।

भारत-प्रशांत समुद्री व्यापार और कनेक्टिविटी पर जोर
नौसेना प्रमुख एक सेमिनार में बोल रहे थे जहां उन्होंने भारत-प्रशांत समुद्री व्यापार और कनेक्टिविटी पर भू-राजनीतिक प्रभावों को लेकर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने समुद्री सुरक्षा सहित भारत-प्रशांत महासागर पहल (IPOI) के सभी सात स्तंभों के बीच संबंधों का जिक्र किया। नेवी चीफ ने इंडो-पैसिफिक की भौगोलिक परिभाषा को लेकर अलग-अलग व्याख्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'भारत के लिए यह अफ्रीका के पूर्वी तट से लेकर अमेरिका के पश्चिमी तट तक फैला है। अमेरिका के लिए यह प्रशांत तटरेखा से लेकर हिंद महासागर तक है। हालांकि, जब भी हिंद-प्रशांत क्षेत्र को परिभाषित करने की बात आएगी तो सीमाएं उतनी अहम नहीं होंगी।'

चीनी युद्धपोतों पर भारतीय नौसेना की नजर
दूसरी ओर, भारतीय नौसेना पाकिस्तान में आयोजित युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने के लिए जा रही चीनी पनडुब्बियों और युद्धपोतों पर करीब से नजर रखे हुए है। सरकारी सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चीनी युद्धपोतों और पनडुब्बियों के मलक्का जलडमरुमध्य के रास्ते हिंद महासागर में दाखिल होने के साथ ही नौसेना ने उन पर नजर रखनी शुरू कर दी थी। समुद्री सुरक्षा को लेकर पाकिस्तान के साथ होने वाले युद्धाभ्यास के लिए चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने अग्रिम मोर्चे के युद्धपोतों और पनडुब्बियों सहित कई पोतों को तैनात किया है। सूत्रों ने बताया कि भारत की व्यापक समुद्री निगरानी के तहत नौसेना राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के तहत हिंद महासागर क्षेत्र में सभी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखती है।

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