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कश्मीर पर बौखलाए पाक का कायराना कदम? कुलभूषण जाधव को नहीं देगा दूसरा काउंसलर एक्सेस

kulbhushan jadhav was granted consular access on monday over three years after his arrest  pti file

1 / 2Kulbhushan Jadhav was granted consular access on Monday over three years after his arrest.(PTI file photo)

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पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में बड़ी खबर आई है। पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को दूसरी बार राजनयिक पहुंच देने से इनकार कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिकत, पाकिस्तान ने कहा है कि वह कुलभूषण जाधव को दूसरी बार काउंसलर एक्सेस नहीं देगा। बता दें कि कुछ दिनों पहले ही कुलभूषण जाधव को आईसीजे के आदेश के बाद पहला काउंसलर एक्सेस मिला था। 

इससे पहले पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव से पहले राजनयिक पहुंच के तहत बीते सोमवार को भारत के उप उच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया ने मुलाकात की। वर्ष 2016 में हिरासत में लिए जाने के बाद जाधव तक भारत की यह पहली राजनयिक पहुंच है। अहलूवालिया ने उप-जेल में जाधव से करीब एक घंटे तक मुलाकात की।

कुलभूषण जाधव 2016 से ही पाकिस्तान की हिरासत में है। जाधव पाकिस्तान की जेल में बंद हैं और ''जासूसी तथा आतंकवाद के आरोप में पाकिस्तान ने 2017 में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। 

जाधव मामले का पूरा घटनाक्रम इस प्रकार है:-

3 मार्च, 2016: पाकिस्तान ने भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को गिरफ्तार किया।

24 मार्च, 2016: पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया कि जाधव को बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार गया है, जो एक ''भारतीय जासूस हैं।

26 मार्च, 2016: भारत सरकार ने दावा किया कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ईरान में कार्गो का कारोबार करने वाले जाधव को बलूचिस्तान में गिरफ्तार किया गया था, जैसा कि पाकिस्तान ने दावा किया है।

29 मार्च, 2016: भारत ने पाकिस्तान से जाधव तक राजनयिक पहुंच प्रदान किए जाने की मांग की। अगले एक साल में, भारत ने 16 ऐसे अनुरोध किए, जिन्हें पाकिस्तान ने अस्वीकार कर दिया।

10 अप्रैल, 2017: पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जाधव को पाकिस्तान के खिलाफ जासूसी और देश में गड़बड़ी फैलाने संबंधी गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप लगाकर मौत की सजा सुनाई। भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि यह ''पूर्वनियोजित हत्या का मामला है।

11 अप्रैल, 2017: तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद के दोनों सदनों में एक बयान दिया कि जाधव को न्याय दिलाने के लिए भारत ''किसी भी हद तक जाएगा।

14 अप्रैल, 2017: भारत ने पाकिस्तान से आरोप-पत्र की प्रमाणित प्रति के साथ-साथ जाधव की मौत की सजा के फैसले की प्रति मांगी और जाधव के लिए राजनयिक पहुंच देने की मांग की।

20 अप्रैल, 2017: भारत ने आधिकारिक रूप से पाकिस्तान से जाधव के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही के साथ-साथ मामले में अपील प्रक्रिया का विवरण भी मांगा।

27 अप्रैल, 2017: तत्कालीन विदेश मंत्री स्वराज ने पाकिस्तान के विदेश मामलों के तत्कालीन सलाहकार सरताज अजीज को पत्र लिखकर जाधव के परिवार के लिए उनसे मिलने के लिए वीजा देने का अनुरोध किया।

8 मई, 2017: भारत ने पाकिस्तानी सैन्य अदालत के फैसले के खिलाफ हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) का दरवाजा खटखटाया।

9 मई, 2017: आईसीजे ने जाधव की फांसी पर रोक लगा दी।

15 मई, 2017: भारत और पाकिस्तान ने आईसीजे में जाधव मामले को लेकर एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा। इसके साथ ही भारत ने जाधव की मौत की सजा को तत्काल हटाने की मांग की। 

18 मई, 2017: आईसीजे ने पाकिस्तान को अपने अंतिम आदेश को रोकने के लिए कहा।

26 दिसंबर, 2017: जाधव अपनी पत्नी और मां से मिले।

17 अप्रैल, 2018: भारत ने जाधव मामले में आईसीजे में दूसरे दौर का लिखित जवाब दायर किया।

17 जुलाई, 2018: पाकिस्तान ने जाधव की सजा पर आईसीजे में अपना दूसरा जवाब-पत्र सौंपा।

22 अगस्त, 2018: जाधव मामले की सुनवाई के लिए आईसीजे ने फरवरी 2019 का समय निर्धारित किया।

21 नवंबर, 2018: तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने जाधव तक राजनयिक पहुंच की मांग की।

18 फरवरी, 2019: जाधव मामले में आईसीजे में चार दिन की सुनवाई शुरू हुई।

19 फरवरी, 2019: भारत ने आईसीजे से जाधव को पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा को निरस्त करने और उनकी तत्काल रिहाई का आदेश देने की अपील की।

20 फरवरी, 2019: भारत ने पाकिस्तान की कुख्यात सैन्य अदालतों के कामकाज पर सवाल उठाए और आईसीजे से जाधव की मौत की सजा को रद्द करने का आग्रह किया।

21 फरवरी, 2019: पाकिस्तान ने आईसीजे से जाधव को राहत देने के लिए भारत के दावे को ''खारिज या अस्वीकार्य घोषित करने की अपील की।

4 जुलाई, 2019: आईसीजे ने घोषणा की कि वह 17 जुलाई को जाधव मामले में फैसला सुनाएगा।

17 जुलाई, 2019: जाधव मामले में भारत को बड़ी जीत मिली। आईसीजे ने पाकिस्तान को जाधव को दी गई मौत की सजा की समीक्षा करने और उन्हें राजनयिक पहुंच प्रदान करने का आदेश दिया।

25 जुलाई, 2019: पाकिस्तान ने कहा कि वह जाधव को राजनयिक पहुंच प्रदान करने की प्रक्रिया पर काम कर रहा है।

1 अगस्त, 2019: पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने कहा कि जाधव को 2 अगस्त को राजनयिक पहुंच प्रदान की जाएगी।

अगस्त 2: जाधव को राजनयिक पहुंच प्रदान करने की शर्तों को लेकर मतभेद की वजह से भारतीय अधिकारियों और जाधव की मुलाकात नहीं हुई।

29 अगस्त: विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा कि पाकिस्तान और भारत जाधव को ''राजनयिक पहुंच प्रदान करने के मुद्दे पर संपर्क में हैं।

1 सितंबर: पाकिस्तान ने कहा कि वह 2 सितंबर को जाधव को ''आईसीजे के फैसले के अनुसार राजनयिक पहुंच प्रदान करेगा।

2 सितंबर: इस्लामाबाद में भारत के उप उच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया ने जाधव से मुलाकात की।

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  • Web Title:Kulbhushan Jadhav will not get second consular access says Pakistan Kulbhushan Jadhav case