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हज करने पैदल ही निकल पड़ा यह भारतीय, 370 दिन में 8600 KM चलकर पहुंचा मक्का

केरल के रहने वाले इस शख्स ने केरल से हज के पवित्र शहर मक्का की यात्रा पैदल ही नाप ली। पिछले साल 2 जून को शुरू की अपनी इस यात्रा में इस शख्स ने 370 दिनों में 8600 किलोमीटर की यात्रा पैदल ही नाप ली।

हज करने पैदल ही निकल पड़ा यह भारतीय, 370 दिन में 8600 KM चलकर पहुंचा मक्का
Gaurav Kalaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSat, 10 Jun 2023 07:03 AM
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कहते हैं जुनून अगर हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं। केरल के रहने वाले इस शख्स ने केरल से हज के पवित्र शहर मक्का की यात्रा पैदल ही नाप ली। पिछले साल 2 जून को शुरू की अपनी इस यात्रा में इस शख्स ने 370 दिनों में 8600 किलोमीटर की यात्रा पैदल ही नाप ली। अपनी इस यात्रा में यह शख्स पाकिस्तान, ईरान, इराक, कुवैत और अंत में सऊदी अरब होते हुए पवित्र शहर मक्का पहुंचा। 

केरल के मलप्पुरम जिले के वलनचेरी के रहने वाले शिहाब छोटूर ने 2 जून 2022 को हज करने के लिए सऊदी अरब के लिए अपनी मैराथन यात्रा शुरू की। वह इसी महीने मक्का पहुंचे हैं। अपनी पैदल यात्रा के दौरान, शिहाब ने भारत, पाकिस्तान, ईरान, इराक और कुवैत की यात्रा की और मई के दूसरे सप्ताह में कुवैत से सऊदी अरब की सीमा पार की।

मदीना में बिताए 21 दिन
सऊदी अरब में प्रवेश करने के बाद, शिहाब इस्लामिक तीर्थ स्थल मदीना पहुंचा। मक्का जाने से पहले शख्स ने मदीना में 21 दिन बिताए थे। शिहाब ने मदीना और मक्का के बीच की 440 किलोमीटर की दूरी नौ दिनों में तय की। शिहाब अपनी मां ज़ैनबा के केरल से शहर आने के बाद हज यात्रा करेंगे।

अपने यूट्यूब चैनल में दिया पल-पल का अपडेट
केरल का यह शख्स एक यूट्यूबर भी है। अपनी इस यात्रा को इसने नियमित रूप से अपने चैनल में अपडेट भी किया। इसने अपनी इस यात्रा में हर उस लम्बे को कैद किया, जो उसने केरल से मक्का तक के बीच महसूस किया।  पिछले साल जून में अपनी हज यात्रा शुरू करने के बाद, शिहाब वाघा सीमा पर पहुंचने से पहले देश के कई राज्यों से गुजरा, जिसके माध्यम से वह पाकिस्तान में प्रवेश करना चाहता था।

वीजा न होने पर पाक में कैसे मिली एंट्री
शिहाब पाकिस्तान में एंट्री के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि पाकिस्तान की सीमा में घुसने के लिए उसके पास वीजा नहीं था। ट्रांजिट वीजा पाने के लिए उसे वाघा के एक स्कूल में महीनों तक इंतजार करना पड़ा। अंत में, फरवरी 2023 में, शिहाब एक ट्रांजिट वीजा प्राप्त करने में कामयाब रहे और पाकिस्तान में प्रवेश किया और एक संक्षिप्त विराम के बाद सऊदी अरब की उनकी यात्रा फिर से शुरू हुई। चार महीने बाद शिहाब छोटूर हज यात्रा के लिए अपने गंतव्य पर पहुंचे।