अमेरिका ट्रेड डील विरोध में कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान
झांसी में भारतीय किसान यूनियन ने अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ ज्ञापन दिया। किसानों ने मांग की कि भारतीय कृषि को विदेशी कंपनियों से सुरक्षित रखा जाए और कोई भी व्यापार समझौता किसानों के हितों के खिलाफ न हो। उन्होंने कृषि उत्पादों पर लाभकारी टैरिफ व्यवस्था लागू करने की भी मांग की।

झांसी। अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (किसान) ने ज्ञापन कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम आफिस में राष्ट्रपति के नाम दिया। छह सूत्रीय ज्ञापन में किसी भी व्यापार समझौते में भारतीय किसानों के हितों से समझौता न किया जाए। भारतीय कृषि क्षेत्र को विदेशी कंपनियों के अनियंत्रित प्रभाव एवं वर्चस्व से सुरक्षित रखा जाए। भारतीय किसान यूनियन (किसान) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन ठाकुर के राष्ट्रीय आवाहन पर डीएम कार्यालय झांसी में भारत अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में ज्ञापन पत्र राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। जिसमें भारतीय कृषि और किसानों के हित को ध्यान में रखकर ट्रेड डील करने की बात कही गई है。
किसानों की चिंताएँ
कहा कि क्षेत्र के किसान एवं जागरूक नागरिक, भारत-अमेरिका के मध्य प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के उन प्रावधानों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं, जिनके संबंध में यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि भारतीय कृषि क्षेत्र को विदेशी कंपनियों के लिए खोला जा सकता है तथा टैरिफ व्यवस्था भारतीय किसानों के हितों के प्रतिकूल हो सकती है।
मांगें
मांगों में कहा कि भारतीय कृषि क्षेत्र को विदेशी कंपनियों के अनियंत्रित प्रभाव एवं वर्चस्व से सुरक्षित रखा जाए, कृषि उत्पादों पर ऐसी टैरिफ व्यवस्था लागू की जाए जो भारतीय किसानों के साथ समान एवं न्यायसंगत व्यवहार करे, किसी भी अंतिम निर्णय से पूर्व किसान संगठनों, कृषि विशेषज्ञों तथा राज्य सरकारों से व्यापक परामर्श किया जाए।
असंतुलन की चिंता
भारत की खाद्य सुरक्षा, कृषि आत्मनिर्भरता तथा किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले किसी भी प्रावधान को स्वीकार न किया जाए और छटवीं अमेरिका एवं भारत के बीच प्रस्तावित व्यापारिक ढांचे में कृषि एवं अन्य उत्पादों पर विद्यमान 18 प्रतिशत (भारत) एवं 0 प्रतिशत (अमेरिका) टैरिफ अंतर से होने वाले असंतुलन पर गंभीर चिंता व्यक्त की। किसानों की आय में गिरावट की आशंका बढ़ेगी। घरेलू बाजार में भारतीय उत्पादों की मांग कमजोर हो सकती है। कहा कि प्रस्तावित व्यापार समझौते के प्रत्येक प्रावधान की व्यापक समीक्षा कर भारतीय किसानों एवं राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर ऐसा कोई निर्णय न लिया जाए जिससे किसानों की आजीविका, कृषि आत्मनिर्भरता अथवा खाद्य सुरक्षा प्रभावित हो।
आउटरीचके क्षण
मौके पर राष्ट्रीय प्रधान महासचिव प्रताप सिंह बुंदेला, शिवनारायण सिंह परिहार, शेखर बड़ौनिया, प्रताप बुन्देला, प्यारे लाल बेधड़क, नीलेंद्र प्रताप सिंह, देवी सिंह कुशवाहा, महेश सिंह सेंगर, तेजभान सिंह बुन्देला, बिहारी सिंह तोमर, शिवनाथ सिंह कुशवाहा, अनिल कुमार साहू, रामचंद्र बुढ़िया किशोरी यादव , आदि किसान मौके पर उपस्थित रहे।
विरोध की चेतावनी
यदि किसानों की आशंकाओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो देशभर में व्यापक जन-असंतोष एवं लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। हमारा उद्देश्य सरकार का ध्यान किसानों की वास्तविक चिंताओं की ओर आकर्षित करना है ताकि संवाद एवं न्यायसंगत समाधान के माध्यम से राष्ट्रीय हित सुरक्षित रह सकें।


