राज्यमंत्री ने दिया वाहन टैगिंग स्थगित करने का भरोसा
भारतीय कृषि उत्पाद उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने जियो वाहन टैगिंग व्यवस्था समाप्त करने की मांग की। विधानसभा में मुलाकात के दौरान राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने व्यवस्था को स्थगित करने का आश्वासन दिया। इससे प्रदेश के लाखों व्यापारियों और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। व्यापारियों ने नियमों में सरलता की मांग भी की।

जियो वाहन टैगिंग व्यवस्था समाप्त करने की मांग को लेकर भारतीय कृषि उत्पाद उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल और भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और कृषि विपणन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह से विधानसभा में मुलाकात कर अपनी समस्याएं साझा कीं, जिस पर राज्यमंत्री ने जियो वाहन टैगिंग व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का आश्वासन दिया। इससे प्रदेश के लाखों व्यापारियों और किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस दौरान भारतीय कृषि उत्पाद उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद द्वारा उत्तर प्रदेश की 251 मंडियों में लागू की गई जियो वाहन टैगिंग व्यवस्था और गेट पास की बेहद कम समय-सीमा पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि यह जटिल व्यवस्था ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ यानी व्यापार सुगमता के मूल सिद्धांतों के पूरी तरह विपरीत है। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की भारी कमी होने के कारण यह ऑनलाइन व्यवस्था व्यावहारिक रूप से पूरी तरह विफल साबित हो रही है। इस अव्यावहारिक नियम से प्रदेश के लगभग 73 हजार कृषि उत्पाद थोक व्यापारी और उद्यमी, गल्ला व किराना के 25 लाख से अधिक फुटकर कारोबारी तथा करोड़ों किसान सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। व्यापारियों ने तर्क दिया कि एक जिले से दूसरे जिले में माल भेजने के लिए जारी किए जाने वाले गेट पास की समय-सीमा इतनी कम है कि वाहन समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते और समय समाप्त होने पर बिना किसी टैक्स चोरी के भी व्यापारियों पर भारी जुर्माना थोप दिया जाता है, जिसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। साथ ही प्रोपराइटरशिप फर्म को पार्टनरशिप में बदलने के बेहद जटिल नियमों को सरल करने, जीएसटी की तर्ज पर नए लाइसेंस के लिए गारंटर की पुरानी व्यवस्था खत्म करने और कागजी कार्रवाई कम करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। भुने चने से मंडी शुल्क हटाने और मंडी की दुकानों के किराए में प्रतिवर्ष होने वाली 5 फीसदी की अनिवार्य वृद्धि को समाप्त करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के प्रभावी हस्तक्षेप के बाद कृषि विपणन राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने वाहन टैगिंग व्यवस्था को स्थगित करने का भरोसा दिया। इस अवसर पर संगठन के प्रदेश कोषाध्यक्ष अशोक अग्रवाल ताजपुरिया, श्याम सिंघल, कृष्ण कुमार गुप्ता रामू सहित कानपुर और लखनऊ के कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे।


