एटीएस ने लखनऊ में दो जाली नोट तस्करों को किया गिरफ्तार
- पांच सौ रुपये के 201 जाली नोट बरामद - पश्चिम बंगाल के मालदा से

पाकिस्तान में छपे भारतीय जाली नोट पश्चिम बंगाल के रास्ते देश में धड़ल्ले से सप्लाई किए जा रहे हैं। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने इस नेटवर्क से जुड़े तस्कर अजीम खान और राजा उर्फ समीरुल को लखनऊ से गिरफ्तार किया। आरोपियों से 500 रुपये के 201 जाली नोट बरामद किए है। एटीएस थाने में मुकदमा दर्ज कर दोनों से पूछताछ की जा रही है। दोनों आरोपी कासगंज के ग्राम गणेशपुर के रहने वाले हैं। आशंका है कि भारतीय जाली मुद्रा का प्रयोग राष्ट्र विरोधी गतिविधियों व आतंकी नेटवर्क में भी किया जा रहा है, जिसे लेकर गहनता से छानबीन की जा रही है। एटीएस अधिकारियों के अनुसार जाली नोटों की सप्लाई बांग्लादेश के रास्ते पश्चिम बंगाल के मालदा में की जा रही है। मालदा में बैठे तस्कर एजेंटों के जरिए जाली नोटों की सप्लाई यूपी समेत अन्य राज्यों में करते हैं। एटीएस ने गोपनीय सूचना के आधार पर आरोपी अजीम खान और राजा उर्फ समीरुल को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया, इनके कब्जे से एक लाख 500 रुपये के जाली नोट मिले। एटीएस के अनुसार आरबीआई के मानकों के अनुरूप बरामद नोट चेक करने पर प्रथम दृष्टा उच्च गुणवत्ता वाले पाए गए हैं। आरोपितों से पूछताछ में सिंडीकेट से जुड़े अन्य एजेंटों की भी जानकारी सामने आई है। सिंडीकेट भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा से जाली नोटों की तस्करी कर देश में मौद्रिक स्थिरता की स्थिति पैदा करने का षड्यंत्र रच रहा है। एटीएस कई बिंदुओं पर मामले की छानबीन कर रही है。
तस्करों का दिल्ली में सप्लाई नेटवर्क
ट्रेन से आए थे तस्कर, दिल्ली में भी होनी थी सप्लाई
एटीएस की छानबीन में सामने आया कि दोनों तस्करी जाली नोट लेकर पश्चिम बंगाल से ट्रेन से आए थे और उन्हें दिल्ली भी जाना था। आरोपित दिल्ली में भी जाली नोट सप्लाई करते हैं। पश्चिम बंगाल के मालदा में उन्हें तस्करों से एक लाख रुपये भारतीय मुद्रा देने पर तीन लाख रुपये के भारतीय जाली नोट दिए जाते थे। जाली नोटों की सप्लाई लखनऊ, दिल्ली व अन्य स्थानों पर किन लोगों को होनी थी, इसकी छानबीन की जा रही है।


