विश्व को मिल रहा ऋषि-मुनियों की खोज का लाभ : प्रो. अरविंद
शनिवार को प्रयाग के नागरी प्रेस में डॉ. हीरालाल निगम स्मृति व्याख्यानमाला का आयोजन हुआ। प्रो. अरविंद कुमार दीक्षित ने भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान पर विचार साझा किए, जिसमें प्राचीन ऋषि-मुनियों के योगदान और совремीन युवा वैज्ञानिकों की उपलब्धियों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर डॉ. ओम प्रकाश लाल श्रीवास्तव को पुरस्कार भी प्रदान किया गया।
विज्ञान परिषद प्रयाग की ओर से शनिवार को अलोपीबाग स्थित नागरी प्रेस के सभागार में डॉ. हीरालाल निगम स्मृति व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि आगरा के पूर्व कुलपति प्रो. अरविंद कुमार दीक्षित ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों का योगदान विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। प्रो. दीक्षित ने कहा कि प्राचीन काल में हमारे ऋषि-मुनियों ने कई ऐसे वैज्ञानिक सूत्र और सिद्धांत की खोज की जिसका लाभ विश्व को मिल रहा है। ज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारतीय वैज्ञानिकों का महत्वपूर्ण योगदान है। आज भारत, जन-संचार और रक्षा क्षेत्र आत्मनिर्भर हो रहा है।
देश के युवा वैज्ञानिकों ने स्काई रूट एयरोस्पेस स्थापित किया। मिसाइल प्रक्षेपण किया गया जो महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस अवसर पर अतिथियों ने डॉ. ओम प्रकाश लाल श्रीवास्तव को उनकी पुस्तक ‘एरच के अभिलेख एवं सिक्के’ के लिए सम्मानित किया। यह सम्मान डॉ. अर्चना पांडेय की ओर से स्थापित लक्ष्मी कान्त दीक्षित स्मृति पुरस्कार 2025 के तहत प्रदान किया गया। संयोजन अरविंद पांडेय ने किया। अध्यक्षता कर रहे परिषद के सभापति प्रो. कृष्ण बिहारी पांडेय ने प्रो. दीक्षित को सम्मानित किया। संचालन डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, आभार ज्ञापन कोषाध्यक्ष शंकर लाल मजूर ने किया। डॉ. अमरनाथ सिंह, उदय भान, डॉ.मनोहर लाल, राधिका मिश्रा, दीपनारायण, धर्मचंद मौजूद रहे।


