खेल : प्रीति और अंकुश स्वर्ण से एक कदम दूर
मुक्केबाजी प्रीति और अंकुश स्वर्ण से एक कदम दूर -पंवार ने जाम्बिया की

मुक्केबाजी प्रीति और अंकुश स्वर्ण से एक कदम दूर
-पंवार ने जाम्बिया की सी. म्वापे के 5-0 से पस्त किया
-पंघाल ने कनाडा के ओफorini पर 5-0 से दर्ज की जीत
ग्लास्गो, एजेंसी। भारतीय मुक्केबाजों का अभियान राष्ट्रमंडल खेलों में जारी है। शुक्रवार को प्रीति पवार (54 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले एकतरफा अंदाज में जीतकर फाइनल में जगह बना ली।
मुकाबले में दबदबा
एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता भिवानी की 22 वर्षीय प्रीति ने जाम्बिया की सी. म्वापे के खिलाफ मुकाबले के दौरान शुरू से अंत तक दबदबा बनाए रखा। उन्होंने बांईं ओर से सटीक पंच और प्रभावी जवाबी हमले के दम पर म्वापे को लगातार दबाव में रखा और 5-0 के स्कोर से खिताबी मुकाबले में जगह बनाई।
फाइनल में प्रीति के सामने स्कारलेट डेलगाडो की चुनौती होगी। कनाडा की इस मुक्केबाज ने एक अन्य सेमीफाइनल में इंग्लैंड की लॉरेन मैकी को 4-1 से शिकस्त दी।
अब नजर स्वर्ण पर
प्रीति ने जीत के बाद कहा, मैं बहुत खुश हूं कि जिस तरह की तैयारी की थी, उसे रिंग में उतारने में सफल रही। अब मेरा पूरा ध्यान स्वर्ण पदक जीतने पर है और मैं सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी। मैं किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लेती। अपने कोच के साथ हर मुकाबले की पूरी तैयारी करती हूं और खुशी है कि उन योजनाओं को अमल में ला पा रही हूं।
म्वापे पूरे मुकाबले में प्रभावी पंच लगाने के लिए जूझती रहीं, जबकि प्रीति के संयोजित पंच का उनके पास कोई जवाब नहीं था। पहले दो राउंड में जाम्बिया की मुक्केबाज को तीन बार ‘एट काउंट’ (गिरे मुक्केबाज को उठने का वक्त देने के लिए) का सामना करना पड़ा, जो भारतीय मुक्केबाज के एकतरफा वर्चस्व का प्रमाण रहा।
दूसरे राउंड में प्रीति के प्रदर्शन से प्रभावित सभी पांच जजों ने उन्हें 10-8 का स्कोर दिया। अंतिम राउंड में म्वापे मुकाबले में वापसी की कोशिश करने के बजाय प्रीति के आक्रामक हमलों से बचती नजर आईं।
अंकुश भी भारी पड़े
दूसरी ओर, अंकुश ने भी 80 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 से पराजित करके फाइनल का टिकट कटाया। शुरुआती दो राउंड में भारतीय मुक्केबाज के शानदार प्रदर्शन के सामने ओफोरी बार-बार ‘क्लिंचिंग’ (प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज को जकड़ कर मुकाबले की गति प्रभावित करने की कोशिश) का सहारा लेने को मजबूर हुए।
दूसरे राउंड की शुरुआत में ओफोरी ने आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश की, लेकिन अंकुश ने संयम बनाए रखते हुए दबाव को आसानी से झेला और सटीक पंचों के संयोजन से जवाब देते हुए एकतरफा 5-0 की जीत दर्ज की।


