नितीश के आगे अफगान नतमस्तक
भारतीय गेंदबाजों ने अफगानिस्तान के बल्लेबाजों को फिर से अपनी धुन पर नचाया। नितीश कुमार रेड्डी ने तीन विकेट लेकर बड़ी भूमिका निभाई, जिससे अफगानिस्तान 159 रन बना सका। टॉस भी भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने जीता। मोहम्मद नबी ने भी एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया।

नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। मैदान पर बजते अफगानी गीतों के बीच मंगलवार को भारतीय गेंदबाजों ने एक बार फिर अफगानिस्तान के बल्लेबाजों को अपनी धुन पर नचाया। दिलचस्प बात यह रही कि सबसे सफल गेंदबाज नितीश कुमार रेड्डी रहे जिनकी पिछले मैच के बाद पांचवें गेंदबाज के तौर पर आलोचना हो रही थी। उन्होंने तीन विकेट झटके। जिसकी बदौलत अफगानिस्तान निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 159 रन ही बना सका। टॉस एक बार फिर भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर के नाम रहा। पिछले 12 मुकाबलों में से 11 बार उन्होंने टॉस जीता है। इस मामले में वह पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव से ज्यादा सौभाग्यशाली रहे हैं। पिछला मुकाबला पिच नंबर 4 पर था मगर मंगलवार को मुकाबला पिच नंबर छह पर खेला गया। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबदबा बनाया। मजेदार यह रहा कि पहला रन बनने से पहले भारत को पहला विकेट मिल गया। अफगान टीम का पहला रन मैच की 10वीं गेंद पर आया जबकि विकेट नौंवी गेंद पर गिर गया था।
मैच की शुरुआत
मैच की शुरुआत जसप्रीत बुमराह ने गौतम गंभीर स्टैंड की ओर से की। उनकी पहली ही गेंद आउट स्विंग होकर बाहर निकली जिसे जादरान छू भी नहीं सके। इसके बाद अगली पांच गेंदों पर बुमराह ने बताया क्यों वह दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाज हैं। उन्होंने पहला ही ओवर मेडन फेंका जिसका फायदा अगले ओवर में अर्शदीप को मिला। अर्शदीप ने तीसरी गेंद स्लोअर फेंकी और गुरबाज ने बल्ला घुमा दिया। नतीजा गेंद मिसहिट होकर हवा में ऊपर की ओर चली गई जिसे सामने खड़े रवि बिश्नोई ने आसानी से लपक लिया।
भारतीय टीम में बदलाव
भारतीय टीम में चोटिल वरुण चक्रवर्ती की जगह लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को अंतिम 11 में जगह मिली। मगर वैभव सूर्यवंशी, जिनका दर्शकों को जिसका सबसे ज्यादा इंतजार था वह दूसरे मैच में भी बाहर ही बैठे। संजू सैमसन को एक और मौका दिया गया था। गुरबाज के रूप में पहला विकेट गिरने के बाद इब्राहिम जादरान और सदिकुल्लाह अटल ने कुछ रन जरूर जोड़े। खासतौर पर जादरान ने बुमराह के दूसरे में ओवर में लगातार दो चौके जड़कर कुछ रोमांच पैदा किया। पहला चौका उन्होंने लेंथ गेंद पर लेग साइड पर लगाया जबकि दूसरा हार्ड लेंथ गेंद पर मिडविकेट क्षेत्र की तरफ।
नितीश कुमार रेड्डी का योगदान
पावरप्ले में अफगानिस्तान एक विकेट पर 44 रन बना सका। जादरान और अटल ने दूसरे विकेट के लिए 40 गेंद पर 51 रन जोड़े। यह अफगान टीम की सबसे बड़ी साझेदारी भी रही। इस जोड़ी को उस ‘पांचवें’ गेंदबाज ने तोड़ा जिसकी पिछले मैच के बाद काफी आलोचना हो रही थी। नितीश कुमार रेड्डी की पहली ही गेंद पर जादरान ‘एक्रॉस द लाइन’ खेल गए और डीपमिडविकेट पर खड़े बिश्नोई ने कैच लपकने में कोई गलती नहीं की। अफगानिस्तान के लिए यह मैच में सबसे बड़ा झटका था क्योंकि जादरान 33 गेंदों पर 37 रन बनाकर क्रीज पर जम गए थे। 51 रन पर दूसरा विकेट गिरने के बाद अफगान बल्लेबाजों पर भारतीय गेंदबाजों ने शिकंजा पूरी तरह कस दिया।
अफगानिस्तान का मध्य ओवरों में प्रदर्शन
अफगानिस्तान ने मध्य ओवरों में 64 रनों के भीतर पांच विकेट गंवा दिए। इसमें रेड्डी का योगदान रहा जिन्होंने दो ओवरों में 2 विकेट झटके। दोनों स्पिनर बिश्नोई और अक्षर पटेल ने भी कसी हुई गेंदबाजी की हालांकि उन्हें 1-1 विकेट ही मिला। अफगानिस्तान के छह विकेट 100 रन तक गिर गए थे। इसके बाद अफगानिस्तान के सबसे अनुभवी खिलाड़ी मोहम्मद नबी और राशिद खान ने मोर्चा संभाला। इन दोनों ने 28 गेंदों पर 48 रनों की साझेदारी की जो मैच की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी भी रही। इसमें अर्शदीप का 18वां ओवर भी था जो मैच का सबसे महंगा ओवर भी साबित हुआ। दोनों बल्लेबाजों ने इसमें 16 रन कूटे। हालांकि 19वें ओवर में बुमराह ने नबी को कैच आउट कराकर इस साझेदारी को तोड़ा। मैच का अंतिम ओवर रेड्डी को दिया गया। उन्होंने पहली ही गेंद स्लोअर डाली जिसमें राशिद फंस गए और डीप स्क्वायर लेग में उनके शॉट को अक्षर पटेल ने डाइव लगाकर शानदार तरीके से लपक लिया। आखिरी गेंद पर नूर अहमद ने छक्का लगा दिया जिससे अफगानिस्तान का स्कोर पिछले मैच से तीन रन ज्यादा 159 तक पहुंच गया।
नबी का रिकॉर्ड
अफगान ऑलराउंडर मोहम्मद नबी 2500 रन बनाने वाले और 100 विकेट या अधिक विकेट लेने वाले दुनिया के चौथे खिलाड़ी बने।
शाकिब उल हसन (बांग्लादेश) : 2551, 149
सिकंदर रजा (जिम्बाब्वे) : 3244, 114
विरानदीप सिंह (नेपाल) : 3402, 126
मोहम्मद नबी (अफगानिस्तान) : 2501, 111
टॉस के बॉस अय्यर
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने अपने पहले 12 मैचों में 11वीं बार टॉस जीता और कतर के मिर्जा बेग और फिलीपींस के हेनरी टेलर को पीछे छोड़ा। पूर्णकालिक सदस्यों वाली टीमों पर श्रेयस के बाद सर्वश्रेष्ठ नौ-नौ टॉस इयोन मोर्गन और महमदुल्ला के नाम हैं।


