तैयारी : भारतीय सेना अमेरिका से जैवलिन मिसाइल खरीदेगी
भारतीय सेना अमेरिका से जैवलिन एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल खरीदने जा रही है। रक्षा मंत्रालय की तरफ से आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन अमेरिकी राजदूत ने इसे भारतीय और अमेरिकी सशस्त्र बलों के बीच मजबूत साझेदारी बताया है। सेना के लिए कम से कम 100 जैवलिन मिसाइल खरीदने पर चर्चा हुई है।

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। भारतीय सेना अमेरिका से जैवलिन एंटी टैंक गाइडेड (एटीजीएम) खरीदने जा रही है। इसके लिए भारतीय सेना ने अमेरिकी विभाग के साथ प्रस्ताव और स्वीकृति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। जैवलिन एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल करीब 2500 मीटर की दूरी से टैंक को नष्ट करने वाली एक ऐसी मिसाइल है जिसे जवान कंधे पर रखकर दाग सकते हैं।
इस खरीद के बारे में
इस खरीद को लेकर हालांकि रक्षा मंत्रालय की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है लेकिन भारत में अमेरिकी राजदूत ने एक बयान जारी कर इस खरीद प्रक्रिया का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि अमेरिकी और भारतीय सशस्त्र बलों के बीच अटूट साझेदारी को दर्शाती है। साथ ही अमेरिकी और भारतीय रक्षा उद्योगों के बीच भविष्य में सहयोग के नए द्वार खोलती है। हम भविष्य में अपार सहयोग की संभावना देखते हैं जो दोनों देशों के रक्षा औद्योगिक आधारों को मजबूत करेगा। उन्होंने भविष्य में इसके भारत में सह उत्पादन के संकेत दिए।
आवश्यकता और तैयारी
सूत्रों का कहना है कि सेना के लिए कम से कम 100 जैवलिन मिसाइल खरीदने पर बात हई है। हालांकि, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) भी इस प्रकार की मिसाइल तैयार कर रहा है जो परीक्षण के चरण में है।
जैवलिन मिसाइल का परिचय
कंधे पर रखकर दागी जा सकती है :
जैवलिन मिसाइल का इस्तेमाल अमेरिकी सेना समेत कई देशों की सेनाओं में लंबे समय से किया जा रहा है। करीब 25-30 किलोग्राम वजन की इस मिसाइल को ले जाने में आसानी होती है तथा जवान इसे कंधे से दाग सकता है। यह 2500 मीटर तक मार कर सकती है तथा 60-70 मीटर ऊंचाई तक जाती है। यह मिसाइल दागने के बाद अपने लक्ष्य को खुद तलाश कर लेती है। यह टैंक के ऊपरी कवच पर हमला कर उसे नष्ट कर देती है।


