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15 जनवरी, 2021|1:44|IST

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लद्दाख: पैंगोंग त्सो के दक्षिणी किनारे पर भारतीय सैनिकों को बड़ी कामयाबी, जीत दिलाने वाली जगह को कंट्रोल में लिया

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पूर्वी लद्दाख में भारत के जांबाज सैनिकों ने एक बार फिर अपनी वीरता से ना केवल चीनी सैनिकों के मंसूबों को विफल कर दिया, बल्कि पैंगोंग त्सो झील के दक्षिणी किनारे पर ऊंचाई वाले इलाके को अपने नियंत्रण में ले लिया है। अब तक निष्क्रिय पड़े इस इलाके पर नियंत्रण से भारतीय सेना को यहां जंग की स्थिति में रणनीतिक लाभ मिलेगा। इस बीच सूत्रों ने यह भी बताया है कि चूशूल और मोल्डो में दोनों देशों के बीच कमांडर स्तर की बैठक में मुद्दे के समाधान और तनाव कम करने को लेकर बातचीत जरूर हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका है।

झड़प वाले स्थान का ऊंचा इलाका LAC के इस पार भारतीय इलाके में है, लेकिन चीन इसे अपने हिस्से में होने का दावा करता है। सूत्रों ने बताया कि हाल ही में एक स्पेशल ऑपरेशन बटालियन को इलाके में भेजा गया था। 29-30 अगस्त की दरम्यानी रात चीन की नापाक हरकत के बीच इस बटालियन ने ऊंचे इलाकों को अपने कब्जे में ले लिया, जहां से चीनी सैनिक कुछ सौ मीटर ही दूर थे।

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स्पेशल ऑपेशंस बटालियन सहित भारतीय सैनिकों की ओर से नियंत्रण में लिया गया ऊंचा इलाका पैंगोंग त्सो झील के दक्षिणी किनारे पर है। सूत्रों ने बताया कि यह इलाका जिस पक्ष के कब्जे में होता है, उसे इस इलाके में नियंत्रण बनाने के लिए काफी रणनीतिक लाभ मिलता है। 

घुसपैठ की कोशिश से इनकार कर चुके चीन ने एक बार फिर भारतीय सैनिकों पर ही एलएसी के उल्लंघन का आरोप लगाया है। पीएलए वेस्टर्न थिएटर कमांड ने ग्लोबल टाइम्स से कहा, ''भारतीय सैनिकों ने कई दौर की बातचीत में बनी सहमति का उल्लंघन किया और लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल को पार किया और उद्देश्यपूर्वक उकसाया।''

इससे पहले दिन में भारतीय सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने बताया कि चीन की सेना ने 29 और 30 अगस्त की दरम्यानी रात एकतरफा तरीके से पैंगोंग त्सो के दक्षिणी तट पर यथास्थिति बदलने के लिए उकसावेपूर्ण सैन्य गतिविधि की लेकिन भारतीय सैनिकों ने प्रयास को असफल कर दिया।

सूत्रों ने कहा कि शीर्ष सैन्य एवं रक्षा प्राधिकारियों ने पूर्वी लद्दाख में पूरी स्थिति की समीक्षा की है। साथ ही सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने ताजा टकराव को लेकर शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ एक बैठक की। एक सूत्र ने कहा, ''सेना ने पैंगोंग सो क्षेत्र में स्थित सभी रणनीतिक बिंदुओं पर सैनिकों और हथियारों की तैनाती को मजबूती प्रदान की है।'' सूत्रों ने कहा कि खासी संख्या में चीनी सैनिक पैंगोंग झील के दक्षिणी तट की ओर बढ़ रहे थे जिसका उद्देश्य उक्त क्षेत्र पर अतिक्रमण करना था लेकिन भारतीय सेना ने प्रयास को नाकाम करने के लिए एक महत्वपूर्ण तैनाती कर दी।

दोनों देशों के बीच पहली बार गलवान घाटी में 15 जून को एक हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। चीन ने उसके हताहत हुए सैनिकों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी लेकिन अमेरिका खुफिया रिपोर्ट के अनुसार उसके 35 सैनिक हताहत हुए थे। भारत और चीन ने पिछले ढाई महीने में कई स्त्तर की सैन्य और राजनयिक बातचीत की है लेकिन पूर्वी लद्दाख मामले पर कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।

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  • Web Title:Indian Army special operations battalion controls heights in Southern bank of Pangong Tso lake strategic advantage over china