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भारतीय राजदूत ने पू्र्वी लद्दाख को लेकर चीन के वरिष्ठ अधिकारी से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीPublished By: Nootan Vaindel
Thu, 13 Aug 2020 12:43 PM
 भारतीय राजदूत ने पू्र्वी लद्दाख को लेकर चीन के वरिष्ठ अधिकारी से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा

भारतीय राजदूत विक्रम मिसरी ने बुधवार को चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ मीटिंग की जिसमें उन्होंने पूर्वी लद्दाख के बॉर्डर और द्विपक्षीय संबंधों को लेकर चर्चा की। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के विदेश मामलों के आयोग के उप निदेशक लियू जियानचाओ के साथ विक्रम मिसरी की राजनयिक और सैन्य स्तर पर बातचीत हुई।
भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया, “राजदूत @VikramMisri ने आज सीपीसी केंद्रीय समिति के विदेश मामलों के आयोग कार्यालय के उप निदेशक लियू जियानचाओ से मुलाकात की और उन्हें  केंद्र शासित प्रदेश पूर्वी लद्दाख के बॉर्डर को लेकर भारत के रूख के बारे में बताया और द्विपक्षीय संबंधो पर बताचीत की।

बैठक का लेकर कोई और जानकारी नहीं दी गई थी। मिसरी और लेयू की ये मुलाकात ऐसी परिस्थितियों में हो रही है जब एलएसी पर दोनों देशों के बीच सैनिक हटाने की वार्ता सफलतापूर्वक आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। सैन्य वार्ता के नए दौर में भारतीय पक्ष ने पूर्वी लद्दाख के सभी क्षेत्रों में चीनी सैनिकों के जल्द से जल्द पूर्ण विस्थापन पर और तत्काल स्थिति बहाल करने पर जोर दिया। सूत्रों की माने तो चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने गालवान घाटी और कुछ इलाकों से अपने पैर पीछे खींच लिए हैं लेकिन भारत की मांग के अनुसार पंगोंग त्सो, गोगरा और देपसांग में   उन्होंने अपने सैनिकों को पीछे नहीं हटाया है।

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भारत इस बात पर जोर देता रहा है कि चीन को अपनी सेनाओं को फिंगर फोर और आठ के बीच के क्षेत्रों से वापस लेना चाहिए। क्षेत्र में अलग-अलग पहाड़ियों को फिंगर्स  में बांटा गया है। सैनिकों को हटाने की ये प्रक्रिया राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच क्षेत्र में तनाव कम करने के तरीकों पर लगभग दो घंटे की टेलीफोनिक बातचीत करने के एक दिन बाद 6 जुलाई को शुरू हुई।
 

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