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चीन के छक्के छुड़ा देगी भारतीय वायुसेना! तीन मेगा प्रोजेक्ट की तैयारी में भारत

भारत जल्द ही तीन बड़े डिफेंस मेगाप्रोजेक्ट लॉन्च कर सकता है। इसके तहत तेजस लड़ाकू विमान, चॉपर और एयरक्राफ्ट कैरियर का निर्माण किया जाएगा जिससे कि आसानी से चीन की चुनौती से निपटा जा सके।

चीन के छक्के छुड़ा देगी भारतीय वायुसेना! तीन मेगा प्रोजेक्ट की तैयारी में भारत
Ankit Ojhaएजेंसियां,नई दिल्लीFri, 24 Nov 2023 09:44 AM
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भारत अपनी सैन्य शक्ति को बढ़ाने के लिए जल्द ही तीन बड़े डिफेंस प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है। एक एयरक्राफ्ट कैरियर, 97 तेजस लड़ाकू विमान और 156 प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर को बनाने का काम जल्द ही शुरू हो सकता है। इन तीनों प्रोजेक्ट की लागत करीब 1.4 लाख करोड़ होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा परिषद की बैठक में इस प्रोजेक्ट का पहला चरण शुरू हो गया है। 30 नवंब को हुई बैठक में 'ऐक्सेपटेंस ऑफ नेसेसिटी (AoN)' पर सहमति बन गई है। 

एचएएल पहले से ही तेजस बनाने में जुटा
इन तीनों प्रोजक्ट्स के बारे में प्रस्ताव पहले कैबिनेट कमिटी के सामे पेश किया जाएगा और तभी फाइनल मंजूरी मिलेगी। इसके बाद कमर्शल प्रक्रिया शुरू होगी और इनके लिए कंपनियों का चयन किया जाएगा। बता दें कि 97 तेजस 1A लड़ाकू विमान बनाने का खर्च करीब 55 करोड़ रुपये आएगा। इसके अलावा इस तरह के 83 जेट बनाने का ऑर्डर पहले ही एचएएल को दे दिया गया है। इसका खर्च47 हजार करोड़ के आसपास है। फरवरी में इसे एचएएल को सौंप दिया गया था। 

वायुसेना की बढ़ेगी ताकत
इन प्रोजेक्ट से भारत की वायुसेना काफी ताकतवर हो जाएगी। भारतीय वायुसेना को 180 तेजस जेट मिल जाएंगे। चीन और पाकिस्तान से आसानी से निपटने में वायुसेना सक्षम हो जाएगी। फरवरी 2024 से लेकर फरवरी 2028 तक 83 मार्क 1ए विमानों की डिलिवरी होनी है। वहीं एयरक्राफ्ट कैरियर को बनने में 8 से 10 साल का वक्त लग जाएगा। कोचिन शिपयार्ड पर इसे 40 हजार करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। बता दें कि इसे आईएनएस विक्रांत की तरह ही बनाया जाएगा। आईएनएस विक्रांत सितंबर 2022 में कमीशन हुआ था जो कि पूरी तरह मध्य 2024 में तैयार होगा। 

इसके अलावा नेवी ने रूसी मूल के कैरियर आईएनएस विक्रमादित्य की तरह का पोत लाने का प्लान बनाया है। अभी नेवी के पास 40 मिग-29के जेट हैं। इन्हें रूस से 2 अरब डॉलर में खरीदा गया था। इन्हें कैरियर से संचालित किया जाता है। डीआरडीओ की तरफ से बनाया जाने वाला डबल इंडन डेक बेस्ड फाइटर करीब एक दशक बाद ही बेड़े का हिस्सा बन पाएगा। वीं भारत अब 50 हजार करोड़ के 26 राफेल मरीन फाइटर जेट को फ्रांस लेने की प्रक्रिया में है। 

इसके अलावा आर्मी के पास 15 और चॉपर आने वाले हैं। बीते साल भी माउंटेन वारफेयर की क्षमता बढ़ाने के लिए 5.8 टन के प्रचंड हेलकॉप्टरों की जरूरत है। इसमें 20 एमएण की गन, 70 एमएम रॉकेट सिस्टम और एयर टु एयर मिसाइल भी लोड की जा सकेगी। 1999 युद्ध के दौरान इसकी जरूरत महसूस हुई थी। बात करें चीन की तो उसके पास दो एयरक्राफ्ट कैरियर है। इसके अलावा वह दो और कैरियर को तेजी से बना रहा है। पिछले साल जून में चीन ने फूजियान नाम के कैरियर शरू किया है। इसपर 80 से 90 एयरक्राफ्ट उतर सकते हैं। 

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