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पाकिस्तान के छूटेंगे पसीने, भारतीय वायुसेना को मिलने जा रहा पहला तेजस Mk-1A; फीचर्स उड़ा देंगे होश!

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा तैयार किए गए तेजस हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) एमके-1ए को जुलाई 2024 तक भारतीय वायुसेना को सौंपा जाएगा।

पाकिस्तान के छूटेंगे पसीने, भारतीय वायुसेना को मिलने जा रहा पहला तेजस Mk-1A; फीचर्स उड़ा देंगे होश!
Himanshu Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 16 May 2024 11:29 PM
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भारतीय वायु सेना को जुलाई 2024 तक तेजस एमके-1ए विमान की डिलीवरी मिलने की संभावना है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा तैयार किए गए तेजस हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) एमके-1ए ने 28 मार्च को बेंगलुरु में अपनी पहली उड़ान भरी थी। वायुसेना की क्षमताओं में इजाफा करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने 97 हल्के लड़ाकू विमान तेजस के लिए एचएएल को टेंडर जारी किया था। रक्षा मंत्रालय के इस कदम से दुश्मन देशों की परेशानियां बढ़ेंगी। इस टेंडर की लागत लगभग 67 हजार करोड़ बताई जा रही है। बीते महीने वायुसेना की बैठक में वायुसेना को अधिक तेजस एमके-1ए लड़ाकू विमानों की आवश्यकताओं पर जोर दिया गया था।

पहले दिया जा चुका है 48 हजार करोड़ का ऑर्डर
बता दें इससे पहले वायुसेना ने फरवरी 2021 में 48,000 करोड़ रुपये में 83 एमके-1ए लड़ाकू विमानों का ऑर्डर दिया था। विमानों की खरीद में हालिया टेंडर इस सिलसिले में दूसरी कड़ी मानी जा रही है। इन 83 लड़ाकू विमानों में से पहली खेप को वायुसेना को 31 मार्च तक वितरित किया जाना था, लेकिन प्रमुख प्रमाणपत्रों के कारण डिलीवरी में देरी हो गई है। अब यह डिलीवरी जुलाई में की जाएगी। यहां यह बताना जरूरी है कि पहले से ऑर्डर किए गए 83 लड़ाकू विमानों की पूरी डिलीवरी 2028 तक होने की उम्मीद है।

लड़ाकू विमानों के लिए भारतीय वायुसेना की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए एचएएल ने एलसीए एमके-1ए के लिए नासिक में एक नई प्रोडक्शन लाइन स्थापित की है। एचएएल बेंगलुरु में हर साल 16 एलसीए एमके-1ए का निर्माण करता है और नासिक में प्रोडक्शन लाइन स्थापित होने से एचएएल 24 जेट प्लेन का उत्पादन कर सकेगा। बता दें एलसीए एमके-1ए, एलसीए एमके-1 का उन्नत संस्करण है, जिसे पहले ही वायुसेना में शामिल किया जा चुका है। एलसीए आने वाले दशक और उसके बाद भारतीय वायुसेना की लड़ाकू शक्ति की रीढ़ की हड्डी बनकर उभरने के लिए तैयार है। 

क्या है तेजस एमके-1ए लड़ाकू विमानों की खासियतें
एमके-1ए यह तेजस विमान का अपग्रेडेड वर्जन है। इसमें कई आधुनिक उपकरण लगे हैं। इस विमान में रडार वॉर्निंग रिसीवर, आत्मरक्षा के लिए जैमर पॉड सहित और भी कई अहम खूबियां हैं। विमान हवा से हवा, हवा से सतह पर मार करने के लिए अत्याधुनिक हथियारों से लैस होगा। जैसा कि नाम से ही जाहिर होता है कि विमान वजन में हल्का होगा। एचएएल द्वारा तैयार किया गया यह विमान अपनी श्रेणी का सबसे हल्का और सबसे छोटा बहुउद्देश्यीय सुपरसोनिक लड़ाकू विमान है।

बढ़ेगी भारतीय वायुसेना की ताकत
भारतीय वायुसेना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना है। हमारे देश की वायुसेना में लगभग 350 एलसीए (एमके-1, एमके-1ए और एमके-2 वर्जन के तेजस) के शामिल होने की उम्मीद है। जिनमें से एक तिहाई का ऑर्डर पहले ही दिया जा चुका है, कुछ को शामिल किया गया है और बाकी को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। आने वाले दिनों में वायुसेना को और मॉडर्न बनाने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है।

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