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27 अक्तूबर, 2020|2:55|IST

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भारत और अमेरिका ने BECA पर लगाई मुहर, मिसाइलें हो जाएंगी और भी घातक, जानिए समझौते से देश को और क्या फायदे

anti aircraft missile  file pic

भारत और अमेरिका ने अपने रिश्तों को नया आयाम देते हुए मंगलवार को बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन अग्रीमेंट (BECA) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। तीसरी '2+2' मंत्री स्तरीय बैठक के लिए भारत आए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ और रक्षा मंत्री मार्क टी एस्पर की भारतीय समकक्षों एस जयशंकर और राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस अहम कदम की घोषणा की गई। 

'टू प्लस टू वार्ता के बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ''हमने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। अमेरिका के साथ बीईसीए समझौता एक महत्वपूर्ण कदम है।'' उन्होंने यह भी दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए फिर से अपनी प्रतिबद्धता जताई है।  

भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर महीनों से जारी तनाव के बीच अमेरिका के साथ हुए इस समझौते को भारत के लिए काफी अहम माना जा रहा है। द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और बढ़ावा देने के लिए लंबे समय से लंबित BECA समझौते को अंतिम रूप मिलने से दोनों देश अत्याधुनिक सैन्य प्रौद्योगिकी, साजोसामान और भू-स्थानिक मानचित्र (जियोस्पेशल मैप) साझा कर सकेंगे।

BECA भारत और अमेरिका के बीच चार मूलभूत समझौतों में से अंतिम है, जिससे दोनों देशों के बीच लॉजिस्टिक्स और सैन्य सहयोग बढ़ेगा। इनमें से पहला समझौता 2002 में हुआ था जो सैन्य सूचना की सुरक्षा से संबंधित था। दो अन्य समझौते 2016 और 2018 में हुए जो लॉजिस्टिक्स और सुरक्षित संचार को लेकर थे। 

BECA समझौता भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों में मील का पत्थर माना जा रहा है। इस समझौते की वजह से अब भारत अमेरिका के जियोस्पेशल मैप्स का इस्तेमाल कर सकेगा, जिससे ऑटोमेटेड हार्डवेयर सिस्टम्स और क्रूज-बैलिस्टिक मिसाइलों सहित हथियारों की सटीकता बढ़ जाएगी। यह भारत द्वारा अमेरिका से हथियारों से लैस मानव रहित विमानों (UAVs) की खरीद के लिए भी आधार का काम करेगा। 

ये UAVs दुश्मनों पर आसमान से हमले के लिए अमेरिका के जियोस्पेशल डेटा पर निर्भर करते हैं। यह समझौता ऐसे समय पर हुआ है जब भारत अमेरिका से 30 जनरल एटॉमिक्स एमक्यू -9 गार्जियन ड्रोन खरीदने पर विचार कर रहा है। अमेरिका और भारत के बीच पहले भी खुफिया जानकारियों का आदान-प्रदान हो चुका है। 2017 में डोकलाम में चीन के साथ तनातनी के दौरान अमेरिका ने कथित तौर पर भारतीय सेना को चाइनीज सैनिकों के मूवमेंट की खुफिया जानकारी मुहैया कराई थी।

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  • Web Title:india us beca agreement what india will get from deal