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देशभारत-अमेरिका के एजेंडे में लद्दाख से दक्षिण चीन सागर तक, डिफेंस इंटेलिजेंस साझा करने की योजना

शिशिर गुप्ता, एचटी,नई दिल्ली।Published By: Rajesh Kumar
Wed, 21 Oct 2020 05:57 PM
भारत-अमेरिका के एजेंडे में लद्दाख से दक्षिण चीन सागर तक, डिफेंस इंटेलिजेंस साझा करने की योजना

अगले हफ्ते भारत और अमेरिका के बीच होने जा रही तीसरी 2+2 मंत्री स्तरीय बैठक में दोनों लोकतंत्रों के बीच सैन्य-से-सैन्य संबंधों को मजबूत करने से कहीं आगे खुफिया जानकारी साझा करने, त्रि-सेवा अभ्यास से आगे मानव रहित तक और अंतरिक्ष सहयोग पर चर्चा होगी। पूरे मामले से वाकिफ सूत्र ने इस बात की जानकारी दी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 2017 में बनी सामरिक सहमति को लेकर तीसरे तौर की उच्चस्तरीय वार्ता 26-27 अक्टूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर अपने अमेरिकी समकक्षीय मार्क एस्पर और माइक पोम्पियों के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में होगी।

ऐसी उम्मीद की जा रही है कि दोनों पक्षों में एक भू-स्थानिक सैन्य नींव समझौते जिसे बीईसीए (बेसिक एक्सचेंज एंड को-ऑपरेशन एग्रीमेंट) कहते हैं, यह भारत को अमेरिका से सैन्य ड्रोन जैसे- MQ-9B हासिल करने में अग्रदूत होगा, जो स्थानिक डेटा का इस्तेमाल कर लक्ष्य पर निशाना साधता है।

3 नवंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों से पहले होने वाली बैठक में दोनों पक्षों द्वारा अब तक की उपलब्धियों पर आगे बढ़ने की उम्मीद है। भारत-अमेरिका के रणनीतिक संबंधों को गहरा करने पर अमेरिका के भीतर द्वि-पक्षीय सहमति है।

इस बात की प्रबल संभावना है कि दोनों तरफ से ऐसा समझौता हो सकता है जिससे दोनों देशों की रक्षा खुफिया एजेंसियों के बीच संस्थागत संबंध स्थापित हो पाए। भारत और अमेरिका पहले से ही कम्युनिकेशन एग्रीमेंट जिसे COMCASA कहते हैं, इसके तहत रियल टाइम इंटेलिजेंस शेयर करते हैं। लेकिन, नए समझौते से दोनों सहयोगी देशों के बीच दक्षिण चीन सागर से लेकर लद्दाख तक महत्वपूर्ण रक्षा मामले से जुड़े महत्वपूर्ण त्रि-सेवाएं सूचना साझा की जा सकेंगी। यह प्रस्ताव पिछले कुछ वर्षों से बिना किसी परिणाम के लटका हुआ था।

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