जनसंख्या गणना के वक्त संवेदनशील सवालों पर विशेष जोर
भारत के महापंजीयक ने 2027 की जनगणना के लिए डेटा इकट्ठा करने वाले अधिकारियों के प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया है। इस प्रक्रिया में धर्म, मातृभाषा, जाति जैसे संवेदनशील सवालों पर जोर दिया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों में जनगणना प्रक्रिया 1 दिसंबर, 2026 से शुरू होकर 1 मार्च, 2027 तक पूरी होगी।

भारत के महापंजीयक (रजिस्ट्रार जनरल) ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे जनगणना 2027 के जनसंख्या गणना चरण के लिए डेटा इकट्ठा करने वालों के प्रशिक्षण के दौरान धर्म, मातृभाषा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का दर्जा, जाति और अन्य श्रेणियों से जुड़े संवेदनशील और जटिल सवालों पर खास जोर दें। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी नोडल अधिकारियों को भेजे गए हालिया संदेश में भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि चुनाव वाले राज्यों, जिनमें गोवा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं, इनमें जनगणना अधिकारियों का प्रशिक्षण नवंबर के तीसरे सप्ताह तक पूरा हो जाना चाहिए।
जनगणना की समय सीमा
उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के बर्फ़बारी वाले इलाकों को छोड़कर बाकी जगहों पर जनसंख्या गणना 1 दिसंबर, 2026 से 4 जनवरी, 2027 तक होगी। देश के बाकी हिस्सों के लिए यह प्रक्रिया 1 मार्च, 2027 तक पूरी हो जाएगी।
अधिसूचना और प्रशिक्षण
जनगणना का दूसरा चरण पहले से ही लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड के बर्फबारी वाले इलाकों में चल रहा है।
महापंजीयक द्वारा शनिवार को जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने मणिपुर के लिए भी जनगणना को टाल दिया है।
प्रशिक्षण की आवश्यकताएँ
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में संवेदनशील और जटिल सवालों की श्रेणियों - जैसे धर्म, मातृभाषा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का दर्जा, जाति, पलायन, प्रजनन क्षमता और आर्थिक गतिविधि पर खास जोर दिया जाएगा। साथ ही सही तरीके से सवाल पूछने की तकनीकों और श्रेणी कोड के सही इस्तेमाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जनगणना प्रक्रिया का महत्व
आजादी के बाद से यह आठवीं बड़ी जनगणना प्रक्रिया होगी, जिसमें देश भर में 34 लाख से ज़्यादा डेटा इकट्ठा करने वाले शामिल होंगे। इसमें कहा गया है कि सभी जनगणना कर्मचारियों का प्रशिक्षण तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए, ताकि जनसंख्या गणना शुरू होने से पहले अंतिम तैयारी और तैनाती के लिए पर्याप्त समय मिल सके।


