मार्च तक शुरू होगा बाधा मुक्त टोल
भारत में अब वाहन चालक टोल प्लाजा पर रुककर भुगतान नहीं करेंगे। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि टोल संग्रह के लिए बैरियर-फ्री प्रणाली का कार्य मार्च से शुरू होगा। इससे टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता खत्म हो जाएगी और टोल संग्रह में सालाना 10,000 करोड़ रुपये का इजाफा हो सकता है।

नई दिल्ली, एजेंसी। राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को जल्द टोल प्लाजा पर रुककर भुगतान नहीं करना पड़ेगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार मार्च से देश में बैरियर-फ्री टोल व्यवस्था शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए फास्टैग को गाड़ियों की नंबर प्लेट पहचानने वाली तकनीक के साथ जोड़ने पर काम किया जा रहा है। ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ में गडकरी ने कहा कि सरकार अधिक तकनीक आधारित टोल संग्रह व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रस्तावित प्रणाली में फास्टैग के आंकड़ों और वाहन की नंबर प्लेट, दोनों के जरिए वाहन की पहचान की जाएगी और टोल शुल्क वसूला जाएगा। इससे टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत खत्म होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से टोल संग्रह में सालाना करीब 10,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे टोल वाले रास्तों पर वाहनों की पहचान और निगरानी भी बेहतर होगी。
80-90 फीसदी घटा इंतजार
गडकरी के मुताबिक, फास्टैग लागू होने से टोल प्लाजा पर वाहनों के इंतजार का समय 80 से 90 प्रतिशत तक कम हो चुका है। पहले कई जगह वाहन चालकों को 12 मिनट तक और कुछ मामलों में 30 मिनट तक इंतजार करना पड़ता था। सरकार अब तकनीक के जरिए बाकी बचा इंतजार भी समाप्त करने की तैयारी कर रही है। फास्टैग में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन तकनीक का इस्तेमाल होता है। वाहन के टोल प्लाजा से गुजरने पर उससे जुड़े खाते से शुल्क अपने आप कट जाता है। इससे नकद भुगतान और छुट्टे पैसे की समस्या काफी हद तक खत्म हुई है।
बैंक बदलना भी होगा आसान
इस मौके पर गडकरी ने ‘वनटैग’ सुविधा भी शुरू की। इसके तहत फास्टैग उपयोगकर्ता बिना नया टैग खरीदे और बिना पुराने टैग को वाहन से हटाए अपना बैंक बदल सकेंगे। इससे बैंक पोर्ट करने की प्रक्रिया आसान होने और वाहन मालिकों को अतिरिक्त टैग लेने की जरूरत खत्म होने की उम्मीद है।


