DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भयावहः देश के तीन चौथाई घरों में पीने का साफ पानी नहीं

जल संकट

देश गंभीर ऐतिहासिक जल समस्या से जूझ रहा है। देश के तीन चौथाई घरों में पीने का साफ पानी तक उपलब्ध नहीं है। ये समस्या इतनी बड़ी है कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। नीति आयोग ने गुरुवार को ‘समग्र जल प्रबंधन सूचकांक’ जारी किया, जिसमें ये जानकारी निकलकर सामने आई।

नीति आयोग के रिपोर्ट के मुताबिक देश में इस समय करीब आधी आबादी किसी न किसी तरह पानी की समस्या से जूझ रही हैं। समस्या में जल स्तर लगातार गिरना, पानी की गुणवत्ता खराब होना और पानी के लिए पाइपलाइन न होने जैसी बातें शामिल हैं। 

इस रिपोर्ट को जारी करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश में पानी की कमी नहीं है पानी के नियोजन की कमी है। उन्होंने सुझाव दिया कि समुद्र में जाने वाले पानी के इस्तेमाल पर काम करना चाहिए। साथ ही ऐसे नए तरीके खोजने चाहिए, जिससे आने वाले दिनों में पानी की समस्या से निपटा जा सके। 

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा, भारत में मानसून बेहतर रहता है। ऐसे में कभी महसूस नहीं किया गया कि जल संकट का भी सामना करना पड़ सकता है। लेकिन सच्चाई यही है कि आज हम इस संकट स जूझ  रहे हैं। उन्होंने बताया कि गुजरात जैसे राज्यों ने जल प्रबंधन के लिए विशेष नीति बनाई है। नीति आयोग अन्य राज्यों को नीतियां बनाने में सहयोग करेगा। गौरतलब है कि जल गुणवत्ता सूचकांक में भारत दुनिया के 122 देशों में 120वें स्थान पर है।  

भयावह तस्वीर 

- 60 करोड़ लोग पानी की भारी कमी से जूझ रहे हैं 

- 84 फीसदी ग्रामीण घरों में पाइप से पानी की आपूर्ति नहीं होती 

- 70 फीसदी देश में उपलब्ध पानी संक्रमित है 

- 2 लाख मौतें दूषित पानी पीने की वजह से हुई 

मांग आपूर्ति में बढ़ रहा अंतर 

- 2008 में 634 अरब घन मीटर पानी की मांग के मुकाबले 650 अरब घन मीटर थी उपलब्धता 

- 2030 में पानी की उपलब्धता 744 अरब घन मीटर होगी, जबकि मांग 1498 अरब घन मीटर 

- 2020 तक दिल्ली, हैदराबाद सहित 21 शहरों में भूजल खत्म हो जाएगा, 10 करोड़ लोग होंगे प्रभावित 

- 2050 तक देश के सकल घरेलू उत्पाद को छह फीसदी का नुकसान केवल जल संकट के कारण होगा

जल प्रबंधन में शीर्ष पांच राज्य 

रैंकिंग राज्य अंक (100 के पूर्णांक में)

1 गुजरात 76

2 मध्यप्रदेश 69

3 आंध्रप्रदेश 68

4 त्रिपुरा 59

5 कर्नाटक 56 

इन राज्यों को सुधरने की जरूरत 

राज्य अंक (100 के पूर्णांक में)

उत्तराखंड 26

झारखंड 35

हरियाणा 38

उत्तरप्रदेश 38

बिहार 38

यूपी बिहार में जलप्रबंधन का अभाव 

उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड देश के ऐसे राज्य हैं, जहां पर कई नदियों के बहने के बावजूद जल प्रबंधन का अभाव है और इसकी वजह से इनपर जल संकट का खतरा मंडरा रहा है। उत्तरप्रदेश और बिहार ऐसे राज्य हैं जहां दूषित पानी का शोधन की क्षमता विकसित की नहीं की गई है। भूजल के इस्तेमाल का नियमन भी इन राज्यों में नहीं है। वहीं ग्रामीण बसावट में साफ पेयजल की आपूर्ति लगभग नगण्य है।  

कौन किसमें अव्वल 

क्षेत्र                                    राज्य

ग्रामीण पेयजल आपूर्ति         गुजरात

शहरी पेयजल आपूर्ति            हरियाणा 

कृषि क्षेत्र में जल प्रबंधन         गुजरात

जलाशय निर्माण                   पंजाब 

दीर्घ एवं लघु सिंचाई             मध्यप्रदेश 

भूजल                                आंध्रप्रदेश 

जलशोधण                           हरियाणा 

कश्मीरः अपहृत जवान की आतंकियों ने की हत्या, गोलियों से छलनी शव मिला

भय्यू महाराज खुदकुशीः'संपत्ति को लेकर कुछ भी सोचने की स्थिति में नहीं'

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:India suffering from worst water crisis in its history 600 million Indians face high to extreme water stress says NITI Aayog