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24 फरवरी, 2020|8:36|IST

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खुशखबरीः देश में होगी झमाझम बरसात, कहीं नहीं रहेगी कोई कसर

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इस साल दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून सीजन (जून से सितंबर) के दौरान देश में औसतन 98 फीसदी वर्षा होने की संभावना है जबकि मध्य भारत के हिस्सों में इसका प्रभाव सौ फीसदी रहेगा।
         
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक जनरल केजी रमेश ने मंगलवार को मानसून की वर्षा के दूसरे चरण के दीघार्वधि अनुमान जारी करने के मौके पर कहा कि इस बार देश में मानसून की वर्षा का दीघार्वधि औसत 98 फीसदी रहने का अनुमान है जबकि जून से सितबर के बीच मध्य भारत में इसका औसत सौ फीसदी तक पहुंचने की संभावना है। 

इसमें ज्यादा से ज्यादा चार फीसदी का कम ज्यादा अंतर हो सकता है। मौसम विभाग के दीघार्वधि अनुमान के क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार उत्तर पश्चिम भारत में इसका औसत 96 प्रतिशत, मध्य भारत में 100 प्रतिशत, दक्षिणी प्रायद्वीप में 99 प्रतिशत और पूर्वोत्तर भारत में 96 प्रतिशत रहने की संभावना है। 

रमेश ने बताया कि कल से 15 जून के भीतर देश के लगभग सभी स्थानों पर अच्छी बरसात होने लगेगी। हालांकि मानसून के दूसरे चरण में अल नीनो का प्रभाव भी देखने को भी मिल सकता है पर इसके कमजोर रहने की संभावना है। मौसम में अचानक होने वाले उग्र बदलाव को अल नीनो कहा जाता है। इसकी वजह से कहीं अनियमित बारिश हो जाती है तो कहीं भीषण गर्मी, तो कहीं सूखा, तो कहीं बाढ़ या चक्रवाती तूफान का प्रकोप हो जाता है। इन सभी आपदाओं की बड़ी वजह 'अल नीनो' को बताया जाता है।
 

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  • Web Title:India sees 2017 monsoon rains at 98% of long-term average