युवा शक्ति के योगदान से ही 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा भारत: गवर्नर
रांची, युवा किसी भी देश की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि भारत के युवाओं को देश के विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में 17 विभूतियों को सम्मानित किया, जबकि केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने नए भारत की आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का जिक्र किया।

रांची, वरीय संवाददाता। युवा किसी भी देश की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। यदि युवा विकास में भागीदार बनें, तो वह राष्ट्र तेजी से आगे बढ़ेगा। वर्तमान में भारत की आबादी युवाओं से परिपूर्ण है, इसलिए सभी युवाओं को देश के विकास में अपना बहुमूल्य योगदान देना चाहिए। उनके इसी योगदान के बल पर भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करेगा। ये बातें राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने गुरुवार को मोरहाबादी स्थित आर्यभट्ट सभागार में कहीं। वे यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की झारखंड इकाई द्वारा आयोजित एक्सीलेंस अवॉर्ड समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा, चिकित्सा, खेल, पत्रकारिता, नवीकरणीय ऊर्जा और सिनेमा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 17 विभूतियों को सम्मानित किया।
सम्मानित विभूतियाँ
समारोह में प्रोफेसर गोपाल पाठक को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाजा गया। वहीं, बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्माता इम्तियाज अली को भी सम्मानित किया गया, हालांकि वे अपरिहार्य कारणों से कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके। उनके अलावा जाने-माने टीवी अभिनेता राजेश कुमार सहित अन्य हस्तियों को सम्मानित किया गया।
राज्यपाल का संदेश
राज्यपाल ने सम्मानित होने वाले दिग्गजों को बधाई देते हुए कहा कि सम्मान केवल व्यक्ति का नहीं, बल्कि उसके द्वारा स्थापित सामाजिक मूल्यों, उत्कृष्ट कार्यों और उपलब्धियों का होता है। उन्होंने यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया जैसे संगठनों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संगठन युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, साहसिकता, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। समारोह की अध्यक्षता एसोसिएशन की झारखंड राज्य शाखा के अध्यक्ष डॉ. नितिन मदन कुलकर्णी ने की।
भारत के युवा आज क्या कर रहे हैं?
भारत के युवा हर मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं : संजय सेठ
विशिष्ट अतिथि केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि भारत के युवा आज अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार के बल पर विश्व के हर मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं। नया भारत आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर और विश्व का नेतृत्व करने वाला भारत है। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मान समारोह समाज में उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
इस अवसर पर विधायक सीपी सिंह, रांची विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. सरोज शर्मा, डीएसपीएमयू के कुलपति डॉ. राजीव मनोहर, सरला बिरला यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. जगनाथन चोकलिंगम, बिपिन कुमार राय, मनरखन महतो, सुनील साहू, शिवेंद्र दूबे , चंचल भट्टाचार्य सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
सम्मानित विभूतियों की सूची
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया, जिनमें प्रो. गोपाल पाठक (लाइफटाइम अचीवमेंट), इम्तियाज अली (फिल्ममेकिंग), राजेश कुमार (अभिनय), पंकज दुबे (लेखन और कहानी वाचन), मेयर रोशनी खलखो (सामाजिक नेतृत्व और सामुदायिक सेवा), रिद्धिमा पाठक (स्पोर्ट्स एंकरिंग और ब्रॉडकास्टिंग) और डॉ. प्रेम कुमार (स्वास्थ्य सेवा और सर्जरी) शामिल हैं।
इनके अलावा राकेश रमन (रंगमंच और साहित्य), संजय मिश्रा (पत्रकारिता), डॉ. अजय कुमार चट्टोराज (शैक्षिक नेतृत्व), साक्षी जैन (डिजिटल शिक्षा और कंटेंट क्रिएशन), सुनील सूर्यांत (नवीकरणीय ऊर्जा और सतत विकास), शुभलक्ष्मी शर्मा (क्रिकेट एक्सीलेंस), एल. प्लाटोदीप सिंह (वुशु एक्सीलेंस), प्रशांत सूरज (इवेंट मैनेजमेंट और इनोवेशन) के साथ-साथ इमर्जिंग एक्सीलेंस के लिए वैशाली राज (पत्रकारिता) तथा राजू तिर्की (अभिनय) को भी सम्मानित किया गया।


