छात्र को नोटिस जारी करने वाला अधिकारी निलंबित : सॉलिसिटर जनरल
भारत सरकार के सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में बताया है कि ग्रेटर नोएडा के गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के छात्र के खिलाफ नोटिस जारी करने वाले अधिकारी को निलंबित किया गया है। छात्र पर पेपर लीक मामले में एक विरोध में भाग लेने के लिए नोटिस थमाया गया था। बाद में यह नोटिस वापस ले लिया गया था।

भारत सरकार के सॉलिसिटर जनरल ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में बताया कि ग्रेटर नोएडा के गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) के छात्र के खिलाफ नोटिस जारी करने वाले अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। ग्रेटर नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने 4 सितंबर को जीबीयू के एक छात्र को पेपर लीक मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने पर नोटिस जारी किया और 5 लाख रुपये का बॉन्ड भरने को कहा था। हालांकि बाद में नोटिस को वापस ले लिया गया था।मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष यह बयान तब दिया जब जीबीयू छात्र अक्षत त्रिपाठी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी.वी. दिनेश ने मामले की जल्द सुनवाई का आग्रह किया।
वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश ने शीर्ष अदालत से कहा कि अधिकारियों को एक कड़ा संदेश जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नोटिस में कहा गया था कि वह (याचिकाकर्ता) छात्रों के बीच ‘सरकार-विरोधी गुमराह करने वाली बातें’ कर रहे थे और उनसे एक बॉन्ड भरने को कहा गया था। इस पर सीजेआई ने कहा कि जब बुधवार को उनके सामने इस मामले का उल्लेख किया गया था, तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया था और राज्य से जवाब मांगा था। इसके बाद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि नोटिस जारी करने वाले अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।


