इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए बाजार आधारित साझेदारी महत्वपूर्ण

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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भारत में माल ढुलाई के लिए इलेक्ट्रिक और शून्य-उत्सर्जन ट्रकों को बढ़ावा देने के लिए नीति आयोग ने एक नया प्लेटफार्म लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती को बढ़ाना है। एक साल में इलेक्ट्रिक माल ढुलाई का बाजार चार गुना बढ़ा है। सम्मेलन में शून्य-उत्सर्जन ट्रक मार्केटप्लेस भी शुरू किया गया।

इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए बाजार आधारित साझेदारी महत्वपूर्ण

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। देश में माल ढुलाई के लिए इलेक्ट्रिक और शून्य-उत्सर्जन वाले ट्रकों को तेजी से बढ़ावा देने के लिए नीति आयोग ने नया प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने सोमवार को पांचवें ई-फास्ट इंडिया सम्मेलन 2026 में प्लेटफॉर्म फॉर एग्रीगेटिंग क्लीन ट्रांसपोर्ट (पीएसीटी) की शुरुआत की। इसका उद्देश्य देशभर में माल ढुलाई की मांग को एक मंच पर लाकर इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती को बढ़ाना है।

इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती के अवसर

इस मौके पर राजीव गौबा ने कहा कि देश में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण क्षमता और नीतिगत समर्थन का आधार तैयार हो चुका है। अब अगले चरण में पूरे इकोसिस्टम की चुनौतियों को सहयोग के जरिये दूर करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक ट्रकों को बड़े स्तर पर अपनाने के लिए नए वित्तीय मॉडल, माल ढुलाई मार्गों पर चार्जिंग ढांचा और बाजार आधारित साझेदारी महत्वपूर्ण होगी। ध्यान रहे कि पीएसीटी के जरिये माल भेजने वाली कंपनियों, लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं और अन्य संबंधित कंपनियों की माल ढुलाई की जरूरतों को एकत्र किया जाएगा। इसके बाद चिन्हित माल ढुलाई मार्गों पर इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती के अवसर तैयार किए जाएंगे। इस मंच पर ट्रक निर्माता, वित्तीय संस्थान, चार्जिंग स्टेशन संचालक और लॉजिस्टिक्स कंपनियां भी जुड़ेंगी। इससे कंपनियों को यह समझने में मदद मिलेगी कि किन मार्गों पर कितने इलेक्ट्रिक ट्रकों की जरूरत है। साथ ही, चार्जिंग ढांचे की योजना बनाने और ट्रकों के लिए वित्त की व्यवस्था करने में भी मदद मिलेगी。

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एक साल में चार गुना से ज्यादा बढ़ी इलेक्ट्रिक माल ढुलाई

देश में इलेक्ट्रिक माल ढुलाई का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में 201 इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन थे, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 826 हो गए। इस तरह से एक साल में इनकी संख्या चार गुना से अधिक बढ़ी है। फिलहाल देश में 3,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक मध्यम और भारी मालवाहक ट्रक चल रहे हैं। हालांकि, इस क्षेत्र को बड़े स्तर पर बढ़ाने के लिए माल ढुलाई की मांग को एकजुट करने, चार्जिंग नेटवर्क बढ़ाने, वित्त की आसान उपलब्धता और वाहन संचालकों व निवेशकों को कारोबार को लेकर अधिक भरोसा देने की जरूरत है।

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जेडईटी मार्केटप्लेस भी शुरू

सम्मेलन में शून्य-उत्सर्जन ट्रक (जेडईटी) मार्केटप्लेस भी शुरू किया गया। यह एक कारोबारी मंच है, जहां इलेक्ट्रिक ट्रक निर्माता, लॉजिस्टिक्स कंपनियां, चार्जिंग स्टेशन संचालक, वित्तीय संस्थान और तकनीकी कंपनियां आपस में जुड़ सकेंगी। इस मंच के जरिये कंपनियां अपने उत्पाद और सेवाएं दिखाने के साथ कारोबारी अवसर तलाश सकेंगी और साझेदारी कर सकेंगी। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक माल ढुलाई से जुड़ी परियोजनाओं को केवल शुरुआती योजना या पायलट तक सीमित रखने के बजाय उन्हें बड़े स्तर पर लागू करना है। नीति आयोग के अनुसार ई-फास्ट इंडिया अब बाजार को तैयार करने के चरण से आगे बढ़कर वास्तविक तैनाती को सक्षम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

प्रश्नोत्तरी

✦नीति आयोग ने इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए कौन सा नया प्लेटफार्म शुरू किया?−
नीति आयोग ने प्लेटफॉर्म फॉर एग्रीगेटिंग क्लीन ट्रांसपोर्ट (पीएसीटी) शुरू किया।
Hindustan | Bureau

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