निजी कर्ज बाजार पांच साल में दोगुना होगा
भारत का निजी कर्ज बाजार अगले पांच साल में दोगुना होकर 2025 के अंत तक लगभग 25 अरब डॉलर तक पहुँच जाएगा। मूडीज के अनुसार, वित्तीय मांग की मजबूती और नए आरबीआई नियमों से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। नए नियमों से वित्त पोषण की लागत कम होने पर भी निजी ऋण देने वालों को व्यवधान का सामना करना पड़ सकता है।

नई दिल्ली, एजेंसी। भारत का निजी कर्ज बाजार पिछले पांच साल में दोगुना होकर 2025 के आखिर तक लगभग 25 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। वित्त पोषण की मजबूत मांग के बीच इसमें और वृद्धि की की संभावना है। मूडीज रेटिंग्स ने गुरुवार को यह बात कही। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक के नए नियम उस खंड में प्रतिस्पर्धा बढ़ाएंगे जिस पर पहले से वैकल्पिक पूंजी का दबदबा रहा है। आरबीआई के नये नियम के तहत बैंकों को अधिग्रहण के लिए वित्त पोषण की अनुमति दी गई है।मूडीज ने कहा, 'हालांकि, नए नियमों से वित्त पोषण की लागत कम होने और इसकी उपलब्धता बढ़ने से उधार लेने वालों को फायदा हो सकता है, लेकिन इससे निजी ऋण देने वालों के लिए प्रतिफल कम होगा और अधिग्रहण वित्त पोषण के लिए सौदे की मात्रा घट सकती है।'केंद्रीय
बैंक के एक जुलाई से लागू नए नियमों के अनुसार, आरबीआई ने पहली बार बैंकों को कुछ शर्तों के साथ इक्विटी शेयरों और अनिवार्य रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर के रणनीतिक अधिग्रहण के लिए वित्त उपलब्ध कराने की अनुमति दी है।


