पीएम ई-विद्या का प्रशिक्षण शुरू, शिक्षकों को सौंपी जिम्मेदारी
भारत सरकार का पीएम ई-विद्या अभियान अब जनपद अब में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है। शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के बाद, शैक्षिक सामग्री और डिजिटल शिक्षण तकनीक की मदद से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य शिक्षा का स्तर और पहुंच बढ़ाना है, ताकि हर बच्चे को बेहतर शिक्षा मिल सके।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्रत्येक बच्चे तक पहुंचाने के भारत सरकार के महत्वाकांक्षी पीएम ई-विद्या अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार में संयुक्त शिक्षा निदेशक पवन सचान के निर्देशन में जनपद अब महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एनसीईआरटी और एससीईआरटी के सहयोग से आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण के उपरांत जनपद में पीएम ई-विद्या की एडवोकेसी को नए स्तर पर ले जाने की तैयारी शुरू हो गई है, जिसकी शुरुआत प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों को जनपद नोडल की जिम्मेदारी देकर की जा रही है। इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए जनपद की शिक्षिका एसआरजी बबिता मेहरोत्रा व डायट प्रवक्ता राशिद अली का चयन किया है। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को एनसीईआरटी टीम द्वारा डिजिटल कंटेंट डिजाइन, स्टूडियो प्रस्तुतीकरण, शैक्षिक वीडियो निर्माण, गुणवत्ता मूल्यांकन तथा प्रभावी डिजिटल शिक्षण की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया है।
एसीईआरटी निदेशक ने कहा कि पीएम ई-विद्या केवल शैक्षिक वीडियो प्रसारण की योजना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को समान रूप से उपलब्ध कराने का राष्ट्रीय मिशन है। जिला विद्यालय निरीक्षक रितु तोमर ने कहा कि यह एक अच्छी पहल है इससे शिक्षा का स्तर और पहुंच बढ़ेगी। संयुक्त निदेशक पवन सचान द्वारा जनपद के सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रशिक्षण दाताओं में एनसीईआरटी के अखिलेश वर्मा, डॉ. कमलेश यादव, मोनिका सहित धर्मेंद्र सचान, शिखा, कमल, आशुतोष, ज्ञानबहादुर की मुख्य भूमिका रही।


