भारत की उदारता- सहनशीलता को कमजोरी न समझें: डोभाल

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

भारत ने ऑपरेशन सिंदूर से यह संदेश दिया कि उदारता और सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। एनएसए अजीत डोभाल ने बताया कि इस सैन्य अभियान का मकसद दुश्मन के शिविरों को नष्ट करना था, खासकर पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को।

भारत की उदारता- सहनशीलता को कमजोरी न समझें:  डोभाल

भारत ने ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया को संदेश दिया कि उदारता और सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं समझी जानी चाहिए। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने डिस्कवरी की डॉक्यूमेंट्री ‘डीक्लासिफाइड ऑपरेशन सिंदूर’ में ये बात कही। एनएसए अजीत डोभाल ने इस साक्षात्कार में स्पष्ट कहा कि नतीजा कुछ भी हो भारत खतरा उठा सकता है और कड़ा प्रहार कर सकता है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत 88 घंटे तक चले सैन्य अभियान का मकसद दुश्मन के शिविरों को नष्ट करना था। खासकर उनको जो पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार थे। डिस्कवरी ने बयान जारी कर कहा कि दो भाग में आने वाली यह श्रृंखला भारत के सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े नेतृत्व को एक साथ लाती है ताकि ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े फैसलों और घटनाओं को बताया जा सके। इसमें उन लोगों के अनुभव को शामिल किया है जिन्होंने भारत की जवाबी कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई थी। डॉक्यूमेंट्री में डोभाल भारत की जवाबी सैन्य कार्रवाई को लेकर लिए गए फैसलों के बारे में बताते हैं। श्रृंखला का प्रीमियर शनिवार रात नौ बजे से डिस्कवरी और इंटरनेट स्ट्रीमिंग सेवा डिस्कवरी पर होगा。

पिछले साल हुआ था ऑपरेशन

भारतीय सेना ने पिछले साल 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए छह- सात मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इसके तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ करीब 88 घंटे तक सैन्य अभियान चलाया था। सैन्य संघर्ष 10 मई की शाम को थम गया था।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ऑपरेशन सिंदूर क्या था?
ऑपरेशन सिंदूर एक सैन्य अभियान था जिसका मकसद दुश्मन के शिविरों को नष्ट करना था, खासकर पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsभारत की उदारता- सहनशीलता को कमजोरी न समझें: डोभाल