देश की जरूरतों के हिसाब से होगा स्वास्थ्य अनुसंधान
--नई स्वास्थ्य अनुसंधान नीति का मसौदा जारी --डेंगू, मलेरिया, तपेदिक है सबसे बड़ी चुनौतियां

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। देश में जिन बीमारियों का प्रकोप ज्यादा है, उन पर केंद्रित अनुसंधान किए जाएंगे। इससे इन बीमारियों की रोकथाम और उपचार के लिए नए उपाय किए जा सकेंगे। साथ में नई और किफायती तकनीकें भी विकसित होंगी। नई स्वास्थ्य अनुसंधान नीति में उपरोक्त प्रावधान किए जा रहे हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति (एनएचआरपी) का मसौदा जारी किया गया है। इसमें विभिन्न पक्षों से 27 जुलाई तक सुझाव मांगे गए हैं। यह पहली बार है जब देश में स्वास्थ्य अनुसंधान को लेकर नई नीति का प्रारूप जारी किया गया है。
स्वास्थ्य रिसर्च नीति का मसौदा
मसौदे में देश में फैल रही बीमारियों के आधार पर चिकित्सा अनुसंधान करने, किफायती तकनीकें विकसित करने, लोगों के स्वास्थ्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर स्वदेशी समाधानों पर जोर, उभरती स्वास्थ्य चुनौतियों का मुकाबला करने में स्वास्थ्य तंत्र को सक्षम बनाना तथा स्वास्थ्य तकनीकों के मामले में आत्मनिर्भर बनने को तरजीह दी गई है। नीति में स्वास्थ्य अनुसंधान में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया है, ताकि इसके जरिये स्वास्थ्य तंत्र को मजूबती प्रदान की जा सके।
भारत में स्वास्थ्य चुनौतियाँ
भारत में डेंगू, मलेरिया, तपेदिक जैसी बीमारियां बड़ी चुनौती हैं। चूंकि, पश्चिमी देशों में ये बीमारियां कम हैं, इसलिए इन पर अनुसंधान कम होते हैं। लेकिन, नई नीति के मसौदे से साफ है कि भारत ऐसी बीमारियों पर अनुसंधान तेज करेगा और उनके समाधान के रास्ते भी स्वयं खोजेगा।


