हाफिज सईद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने जम्मू की अदालत को बताया कि लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक हाफिज सईद पाकिस्तान में है। एनआईए ने सईद के खिलाफ गैर-ज़मानती वारंट हासिल किया है, जो आतंकियों को समर्थन देने से संबंधित है। कोर्ट ने कहा कि सईद की भूमिका निरंतर जांच में सामने आ रही है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू की एक विशेष अदालत को बताया कि भारत का मोस्ट-वॉन्टेड आतंकी और लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक हाफिज सईद पाकिस्तान में है। एजेंसी ने उसके खिलाफ दो महीने में दूसरा गैर-ज़मानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) हासिल किया है। यह वारंट केंद्र शासित प्रदेश में काम कर रहे आतंकवादी समूहों को हथियार, फंड और निर्देश देने से जुड़े एक आतंकी मामले में जारी किया गया है। विशेष अदालत एनआईए की उस अर्जी पर सुनवाई कर रही थी जिसमें सईद के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 75 के तहत एनबीडब्ल्यू जारी करने की मांग की गई थी। एनआईए ने अदालत को बताया कि सईद पाकिस्तान से काम कर रहा है और कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकवादियों को हथियार, पैसे और निर्देश दे रहा है।
जानकारी मिली है कि उक्त आतंकवादी अभी पाकिस्तान में है और कानून की पकड़ से बचने के लिए जान-बूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है। एजेंसी की दलीलें सुनने के बाद, विशेष एनआईए अदालत के जज प्रेम सागर ने 8 सितंबर को कहा कि जांच के दौरान सईद की भूमिका सामने आई है और वह ‘कथित तौर पर आतंकवाद में शामिल है। कोर्ट ने देखा कि वह फरार है और जांच एजेंसी उसे ‘सामान्य तरीके से’ पेश नहीं करा पाई है, इसलिए सईद के खिलाफ एक सामान्य गैर-जमानती वारंट जारी किया। यह नया वारंट, जम्मू में विशेष एनआईए अदालत द्वारा लश्कर-ए तैयबा (एलईटी) के संस्थापक के खिलाफ दो महीनों में जारी किया गया दूसरा गैर-जमानती वारंट है।


