सोने की तिमाही मांग छह प्रतिशत घटी
मुंबई में अप्रैल-जून तिमाही के दौरान सोने की मांग 131.4 टन रह गई, जो कि 6% की गिरावट है। विश्व स्वर्ण परिषद की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष 139.7 टन थी। मूल्य के लिहाज से, मांग 1,98,100 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष से 50% अधिक है। अनुमान है कि पूरे वर्ष सोने की मांग 650 से 750 टन के बीच होगी।

मुंबई, एजेंसी। मौसमी सुस्ती, सीमा शुल्क में बढ़ोतरी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोने की खरीद कम करने की अपील के कारण भारत में अप्रैल-जून तिमाही के दौरान सोने की मांग सालाना आधार पर छह प्रतिशत घटकर 131.4 टन रह गई। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। डब्ल्यूजीसी की वर्ष की दूसरी तिमाही पर आधारित 'क्यू2 2026 गोल्ड डिमांड ट्रेंड्स' रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष की समान अवधि में कुल मांग 139.7 टन थी। डब्ल्यूजीसी के भारत क्षेत्र के सीईओ सचिन जैन ने कहा, 'हालांकि, मूल्य के लिहाज से मांग रिकॉर्ड स्तर पर रही। सोने की खपत का मूल्य 1,98,100 करोड़ रुपये रहा, जबकि 2025 की समान अवधि में यह 1,32,500 करोड़ रुपये था।
यह 2025 की दूसरी तिमाही की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक है जो दर्शाता है कि ऊंची कीमतों के बावजूद उपभोक्ता सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं।' आगामी स्थिति पर जैन ने कहा कि डब्ल्यूजीसी का अनुमान है कि समूचे वर्ष के दौरान सोने की मांग 650 से 750 टन के बीच रहेगी।


