ब्रिक्स में प्रमुख वैश्विक नेताओं की भागीदारी भारत के प्रभाव का प्रमाण : भाजपा

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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भाजपा ने ब्रिक्स सम्मेलन में वैश्विक नेताओं की उपस्थिति को भारत की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण माना। रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने अर्थव्यवस्था को संजीवनी दी है, जबकि कांग्रेस ने इसे कमजोर किया। वहीं, संबित पात्रा ने विपक्ष पर भारत की प्रगति को नहीं सह पाने का आरोप लगाया।

ब्रिक्स में प्रमुख वैश्विक नेताओं की भागीदारी भारत के प्रभाव का प्रमाण : भाजपा

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। भाजपा ने भारत में हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन में जुट रहे प्रमुख वैश्विक नेताओं की उपस्थिति को भारत की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण करार दिया। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ब्रिक्स को लेकर सवाल उठाने पर कांग्रेस पर भी पलटवार किया। प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस शासन में भारत को ‘फ्रैजाइल फाइव’ और ‘जंक अर्थव्यवस्था’ कहा जाता था, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होकर ब्रिक्स का चमकता सितारा बना है। प्रसाद ने कहा कि दिल्ली में हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन में रूस, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, चीन और ईरान के राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति भारत के प्रभाव को दर्शाती है। आईएमएफ ने भी भारत की 7.8 प्रतिशत की विकास दर को सही मानते हुए वैश्विक झटकों, ऊर्जा संकट, युद्ध और आपूर्ति श्रृंखला के बीच अर्थव्यवस्था की मजबूती की सराहना की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूछती है, ब्रिक्स से क्या मिला, लेकिन सच यही है कि कांग्रेस ने भारतीय अर्थव्यवस्था को डुबाया, मगर मोदी सरकार ने इसे बनाया और चमकाया। मोदी के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक बदहाली से निकलकर वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिरता देने वाली शक्ति के रूप में पहचान बनाई है।

कांग्रेस का अतीत

भाजपा नेता ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब उसने भारत का क्या हाल किया था और ब्रिक्स में भारत की क्या जगह थी। 2011, 2012 और 2013 में भारत की अर्थव्यवस्था को फ्रैजाइल फाइव कहा गया था। गोल्डमैन सैक्स जैसी प्रसिद्ध संस्था ने भी उस समय भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी और कहा था कि भारत में निवेश कम हो रहा था। स्थिति यह थी कि कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने कहा था कि ब्रिक्स के ‘आई’ यानी ‘इंडिया’ को अब ‘इंडोनेशिया’ से रिप्लेस कर देना चाहिए। दुनिया की एक बड़ी एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स रेटिंग ने कहा था कि भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से एक जंक अर्थव्यवस्था बनती जा रही है।

भारत का नया रूप

प्रसाद ने कहा कि आज भारत दुनिया में ब्रिक्स का एक ब्राइट स्पॉट बना है। मोदी के नेतृत्व में और आर्थिक मोर्चे पर अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर आज भारत ब्रिक्स का एक चमकता हुआ सितारा बन गया है। ब्रिक्स में राष्ट्राध्यक्ष मिलते हैं, वहां चर्चा होती है, ट्रेड की बात होती है और निवेश की भी बात होती है। तो यह जो कांग्रेसी नेता विलाप कर रहे हैं कि ‘क्या मिला? तो सच यह है कि आपने डुबाया, हमने बनाया।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

भारत की प्रगति नहीं पचा पा रहा विपक्ष : संबित पात्रा :

नई दिल्ली, एजेंसी। संबित पात्रा ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर नकारात्मक माहौल बनाने का आरोप लगाया और कहा कि देश जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, विपक्षी दल भारत की इस प्रगति को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां 2011-12 में कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के दौरान ब्रिक्स के भीतर भारत अपनी स्थिति खोता हुआ दिख रहा था, वहीं आज सभी ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्ष भारत में मौजूद हैं और देश इस समूह का इस तरह स्वागत कर रहा है, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया। एक वीडियो संदेश में भाजपा सांसद ने कहा कि आज भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी ऐसी जगह बनाई है जैसी पहले कभी नहीं थी। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स में ‘आई’ का मतलब इंडिया (भारत) है, और इंडिया में ‘आई’ का मतलब भारत की 140 करोड़ जनता से है। भाजपा नेता ने कहा कि हम भारत हैं, ब्रिक्स के सबसे मजबूत साझेदारों में से एक हैं और हमें इस पर गर्व है। आज हमें भारत का नागरिक होने और ब्रिक्स का एक बेहद मजबूत सदस्य होने पर गर्व है।

सामान्य प्रश्न

✦ब्रिक्स सम्मेलन में किन देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हैं?−
ब्रिक्स सम्मेलन में रूस, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, चीन और ईरान के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हैं।
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