कोयले की मांग 1.6 अरब टन तक पहुंचने का अनुमान
हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
केंद्रीय कोयला सचिव विक्रम देव दत्त ने बताया कि भारत में कोयले की मांग 2030 तक 1.6 अरब टन तक पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने ईंधन की कीमत निर्धारण के लिए पारदर्शी प्रणाली की आवश्यकता पर जोर दिया और 'कोयला एक्सचेंज' के महत्व पर बात की, जो घरेलू कोयला उत्पादन में मदद करेगा।

मुंबई, एजेंसी। केंद्रीय कोयला सचिव विक्रम देव दत्त ने शुक्रवार को कहा कि देश में कोयले की मांग 2030 तक बढ़कर सालाना 1.6 अरब टन तक पहुंचने का अनुमान है। इसके साथ उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमत के निर्धारण के लिए पारदर्शी और मांग-आपूर्ति आधारित व्यवस्था की जरूरत है। यहां आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा स्थापित स्वतंत्र बाजार के रूप में काम करने वाले मंच 'कोयला एक्सचेंज' से इसमें मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पिछले दो वित्त वर्ष में से प्रत्येक में घरेलू कोयला उत्पादन एक अरब टन से अधिक रहा है और इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, क्योंकि कोयला ऊर्जा जरूरतों का प्रमुख आधार है।
दत्त ने कहा, ''2030 तक कोयले की मांग बढ़कर अनुमानित 1.6 अरब टन होने की संभावना है।''


