पहली बार गाया जाएगा वंदे मातरम, दर्शक दीर्घाओं के नाम झीलों पर
नोट: स्वतंत्रता दिवस पैकेज वाली खबर के साथ लगाएं 80वां स्वतंत्रता दिवस कई परंपराओं

नोट: स्वतंत्रता दिवस पैकेज वाली खबर के साथ लगाएं 80वां स्वतंत्रता दिवस
स्वतंत्रता दिवस का ऐतिहासिक महत्व
कई परंपाओं का साक्षी बनेगा इस साल स्वतंत्रता दिवस
वंदे मातरम का गायन
लाल की प्राचीर से पहली बार गाया जाएगा वंदे मातरम
एनसीसी और 'माई भारत' का योगदान
एनसीसी और ‘माई भारत’ के करीब 2500 कैडेट आकृति बनाएंगे।
नई दिल्ली, एजेंसी। इस साल का स्वतंत्रता दिवस कई नई परंपराओं और अभूतपूर्व बदलावों का साक्षी बनने जा रहा है। देश के इतिहास में पहली बार, मुख्य समारोह की शुरुआत बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय रचित 'वंदे मातरम' के विशेष गायन से होगी।
विशेष विचार
इसके साथ ही, जन भागीदारी और जल संरक्षण का संदेश देने के लिए दर्शक दीर्घाओं के नाम पहली बार देश की प्रमुख झीलों के नाम पर रखे गए हैं।
राष्ट्रगीत का महत्व
वंदे मातरम पहले गाया जाएगा
इस बार पहली बार होगा कि प्रधानमंत्री के लाल किले की प्राचीर पर पहुंचने के बाद राष्ट्रगीत बजाया जाएगा। सभी लोग इस दौरान खड़े रहेंगे। इसके बाद वे झंडा फहराएंगे और राष्ट्रगान बजाया जाएगा। राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह शुरुआत की जा रही है। रक्षा मंत्रालय ने पहली बार निमंत्रण कार्ड पर ‘वंदे मातरम्’ के सभी 6 छंद छापे हैं, ताकि मेहमान साथ गा सकें।
आकृति निर्माण
ज्ञानपथ पर जीवंत आकृति
लाल किले के सामने मैदान (ज्ञानपथ) में एनसीसी कैडेट्स और माई भारत के लगभग 2500 स्वयंसेवक एक साथ बैठकर 'वंदे मातरम' की विशाल आकृति बनाएंगे। इस साल की थीम मुख्य रूप से युवा शक्ति और विकसित भारत @2047 पर केंद्रित है।
वायुसेना का योगदान
वायुसेना के विमान दो झंडे लेकर उड़ेंगे
वायु सेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर हवा में 'वंदे मातरम के 150 वर्ष' का विशेष बैनर लहराते हुए लाल किले पर उपस्थित लोगों पर फूलों की बौछार करेगा। इसके अलावा एक अन्य हेलीकॉप्टर तिरंगा झंडा लेकर उड़ान भरेगा। हेलीकॉप्टरों के कप्तान विंग कमांडर रजत और स्क्वाड्रन लीडर अंकित वार्ष्णेय होंगे।
स्वदेशी उपकरण
सभी रक्षा उपकरण स्वदेशी होंगे
पहली बार, लाल किले पर होने वाले समारोह में दिखाए जाने वाले सभी रक्षा उपकरण स्वदेशी होंगे। यानि देश में निर्मित उपकरणों को दिखाया जाएगा।
भाषिणी का उपयोग
'भाषिणी' से पीएम के भाषण का अनुवाद
लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर पीएम के संबोधन का एआई आधारित 'भाषिणी'प्लेटफॉर्म के जरिए 22 से अधिक भारतीय भाषाओं में रियल-टाइम अनुवाद किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने अन्य कार्यक्रमों में 'भाषिणी' ऐप का इस्तेमाल पहले कर चुके हैं, लेकिन 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से इसका पहली बार इस्तेमाल होगा। इससे हर भारतीय अपनी मातृभाषा में भाषण को समझ सकेंगे। भाषिणी ऐप के जरिए इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।
जल संरक्षण का सन्देश
दर्शक दीर्घाओं के नाम झीलों के नाम पर
वीआईपी कल्चर को खत्म करने और पानी बचाने के महत्व को उजागर करने के लिए इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में दर्शक दीर्घाओं के नाम नदियों के नाम पर रखे गए थे। स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए इनके नाम देश की प्रमुख झीलों के नाम पर रखे गए हैं। इनमें बड़खल, भीमताल, चंद्रताल, चिल्का, दलपत सागर, डिमना, दूधसागर, हाफलोंग, हरिके, हुसैन सागर, कांकरिया, कोलेरू, लोनार, पैंगोंग त्सो, पुलिकट, पुष्कर, रवींद्र सरोवर इत्यादि शामिल हैं।
सामान्य प्रश्न
लेखक के बारे में
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