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हिंदी न्यूज़ देश ऑफिस में बैठकर नहीं बल्कि ज़मीनी तौर पर लोगों से मिले फीडबैक के बाद फैसले लिए: PM मोदी

ऑफिस में बैठकर नहीं बल्कि ज़मीनी तौर पर लोगों से मिले फीडबैक के बाद फैसले लिए: PM मोदी

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीArun Binjola
Sat, 27 Jun 2020 12:50 PM
 ऑफिस में बैठकर नहीं बल्कि ज़मीनी तौर पर लोगों से मिले फीडबैक के बाद फैसले लिए: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से डॉ.जोसेफ मार थोमा मेट्रोपॉलिटन की 90वीं जयंती समारोह में उद्घाटन भाषण देते हुए कहा कि भारत और विदेश से मार थोमा चर्च के कई अनुयायी इस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने दिल्ली के आरामदायक सरकारी कार्यालयों से नहीं बल्कि ज़मीनी तौर पर लोगों से मिले फीडबैक के बाद फैसले लिए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से सरकार और लोगों द्वारा लड़ी जा रही लड़ाई में कई पहल की गईं, भारत की स्थिति अन्य देशों की तुलना में बहुत बेहतर है। भारत में रिकवरी रेट बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस साल की शुरुआत में कुछ लोगों ने भविष्यवाणी की थी कि भारत में वायरस का प्रभाव बहुत गंभीर होगा। लॉकडाउन के कारण सरकार द्वारा की गई कई पहल और लोगों द्वारा संचालित लड़ाई ने भारत को कई अन्य राष्ट्रों की तुलना में बेहतर रहा और यहां कोरोना संक्रमण की रिकवरी रेट बढ़ रही है। 

पीएम मोदी ने कहा कि  8 करोड़ से अधिक परिवार के पास अब धुंए से मुक्त रसोई है। बेघरों को आश्रय देने के लिए डेढ़ करोड़ से अधिक घर बनाए गए हैं। भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा योजना है आयुष्मान भारत है। उन्होंने कहा कि सरकार धर्म, लिंग, जाति, नस्ल या भाषा के आधार पर भेदभाव नहीं करती, भारत का संविधान हमारा मार्गदर्शक है।

उन्होंने इस दौरान कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई की चचार् करते हुए कहा कि अब तक देश में इस लड़ाई ने अच्छे परिणाम दिए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को और अधिक सावधान रहने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि क्या हम सावधानियों को कम कर सकते हैं? बिल्कुल नहीं। हमें अब और अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। मास्क पहनना, सामाजिक दूरी, दो गज की दूरी, भीड़ भरे स्थानों से बचने की जरूरत है।  

प्रधानमंत्री ने मार थोमा गिरजाघर कार्यक्रम में कहा कि लोगों ने जो लड़ाई लड़ी, उसके अच्छे नतीजे मिले लेकिन अभी रुक नहीं सकते, अब हमें और सतर्क रहना होगा। कोविड-19 लोगों की जिंदगी को जोखिम में डालने वाली न केवल शारीरिक बीमारी है, बल्कि यह अस्वस्थ जीवनशैली की ओर भी ध्यान दिलाती है।
 

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