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सितंबर तक भारत को मिल सकता है कोरोना के खिलाफ एक और 'हथियार', Novavax वैक्सीन लाने की तैयारी में SII

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्ली।Published By: Himanshu Jha
Thu, 17 Jun 2021 06:29 PM
सितंबर तक भारत को मिल सकता है कोरोना के खिलाफ एक और 'हथियार', Novavax वैक्सीन लाने की तैयारी में SII

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) सितंबर तक देश में कोवावैक्स पेश करेगा। इसके विकास से परिचित लोगों ने गुरुवार को न्यूज एजेंसी एएनआई को यह जानकारी दी। कोवावैक्स अमेरिकी फर्म नोवावैक्स के कोविड -19 वैक्सीन का एक रूप है। सीरम इंस्टीट्यूट ने यह भी कहा कि वह जुलाई में बच्चों के लिए नोवावैक्स का क्लिनिकल परीक्षण शुरू करेगा।

नोवावैक्स वैक्सीन ने परीक्षण के दौरान कोविड -19 के उभरते वेरिएंट के खिलाफ मजबूत प्रभाव दिखाया है। बायोटेक फर्म ने 14 जून को यह जानकारी दी थी। यह चौथी वैक्सीन है जिसे संयुक्त राज्य अमेरिका ने कोरोना के खिलाफ हथियार के तौर पर चुना। नोवावैक्स इंक ने कहा कि वैक्सीन की खुराक कोविड -19 को रोकने में 90 प्रतिशत प्रभावी है। मध्यम और गंभीर लक्षणों को रोकने में 100 प्रतिशत असरदार है। 

वैक्सीन ने एक विश्लेषण में परीक्षण परिणामों के आधार पर गंभीर वेरिएंट के खिलाफ 93 प्रतिशत प्रभावशीलता दिखाई है, जिसमें ज्यादातर अल्फा संस्करण के मामले शामिल थे जिसके मामले संयुक्त राज्य में ज्यादातर पाए जाते हैं। 90 प्रतिशत से अधिक प्रभावकारिता के मामले में यह बायोटेक एसई और मॉडर्न इंक के साथ फाइजर इंक और स्पुतनिक वी वैक्सीन के समान है। ये सभी मैसेंजर आरएनए शॉट्स हैं और वायरल वेक्टर तकनीक का इस्तेमाल करते हैं।

भारत ने वैक्सीन से जुड़े घटनाक्रमों पर करीब से नजर रखी है। सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह नोवावैक्स शॉट्स के प्रभावकारी आंकड़ों को 'उत्साहजनक और आशाजनक' मानती है। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कहा कि भारत में वैक्सीन बनाने वाली सीरम की वैक्सीन को और प्रासंगिक बनाती है। मंगलवार को पॉल ने कहा कि एसआईआई ने पहले ही तैयारी का काम पूरा कर लिया है और एक ब्रिजिंग परीक्षण कर रहा है जो पूरा होने के आखिरी चरणों में है।

नोवावैक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टेनली एर्क ने कहा कि नोवावैक्स इंक वैश्विक स्तर पर नियामक अनुमोदन के लिए फाइल करेगा और कहा कि पहली उपलब्ध खुराक में से अधिकांश निम्न और मध्यम आय वाले देशों को भेजी जाएगी। समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग ने एर्क के हवाले से कहा, "यदि आप इस महामारी को रोकने जा रहे हैं, तो आप इसे केवल अमेरिका में नहीं रोक सकते।"

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