अब चार मानकों से तय होंगे टीबी मुक्त पंचायत
केंद्र सरकार ने 2026 के लिए टीबी मुक्त पंचायत के संशोधित मानक जारी किए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने टीबी की जांच, मरीजों की पहचान, उपचार की सफलता और पोषण सहायता की निगरानी के लिए चार नए मानक निर्धारित किए हैं। नए मानकों में उपचार सफलता दर को 90 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।

मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। टीबी उन्मूलन अभियान को पंचायत स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के लिए टीबी मुक्त पंचायत के संशोधित मानक जारी किए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने अब चार प्रमुख मानक तय किए हैं, जिनके आधार पर टीबी की जांच, मरीजों की पहचान, उपचार की सफलता और पोषण सहायता की निगरानी की जाएगी। पहले छह मानक निर्धारित थे। संशोधित मानकों में निश्चय पोषण योजना के तहत भुगतान और सार्वभौमिक दवा संवेदनशीलता परीक्षण (डीएसटी) को हटा दिया गया है। जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. एसके रवि ने बताया कि दो मानक कम होने से टीबी मुक्त पंचायतों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
पलामू में टीबी मुक्त पंचायतों की संख्या में वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि विभाग अभी फूड बास्केट का लक्ष्य पूरा नहीं कर सका है। हालांकि, कई बैंकों और संस्थाओं से विभाग को 11 लाख रुपये मिलने की संभावना है। राशि मिलने के बाद अधिक मरीजों को पोषण किट उपलब्ध कराई जा सकेगी। नए मानकों में उपचार सफलता दर का लक्ष्य 90 प्रतिशत किया गया है, जो पहले 85 प्रतिशत था। डीएस-टीबी मरीजों के उपचार पूरा करने के आधार पर सफलता दर आंकी जाएगी। यक्ष्मा कार्यालय के अनुसार जनवरी से अब तक 39 गंभीर टीबी मरीज चिह्नित हुए हैं और 2381 मरीज इलाजरत हैं। विभाग के पास छह हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें हैं, जिससे जांच में सुविधा मिल रही है।


