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2 मार्च, 2021|1:32|IST

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भारत ने सैनिकों को दी LAC पर गोली चलाने की छूट तो चीन देने लगा शांति समझौतों की दुहाई

india-china tensions

भारत-चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव जारी है। हाल ही में सीमा पर हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। इस दौरान चीन के 40 के करीब सैनिक भी मारे गए थे। इसके बाद रक्षा मंत्री ने सेना को स्थिति को देखते हुए माकूल जवाब देने की छूट दे दी है। इतना ही नहीं सैनिकों से कहा गया है कि अगर जरूरी हो तो बंदूक का इस्तेमाल करने से भी नहीं हिचकें। 

भारत सरकार के इस कदम के बाद चीन दोनों देश के बीच हुए शांति समझौतों की दुहाई देने लगा है। ग्लोबल टाइम्स ने अपने एक लेख में लिखा है, 'भारत और चीन के बीच में 1996 और 2005 में दो समझौते हुए। इसके तहत दोनों देश की सेना एक दूसरे के खिलाफ सैन्य क्षमता का उपयोग वहीं करेगा।' ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि 15 जून को हुए झड़प के दौरान भी इसका ध्यान रखा गया था।

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ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, 'भारत दोनों देशों के सबसे महत्वपूर्ण समझौतों को तोड़ सकता है और इससे दोनों सैनिकों के आपसी अविश्वास को गंभीरता से बढ़ेगा और अवांछित सैन्य संघर्षों की संभावना बढ़ जाएगी। यह दोनों पक्षों के विदेश मंत्रियों द्वारा गालवान घाटी में स्थिति को शांत करने के लिए पहुंची सहमति के भी खिलाफ है।'

ग्लोबल टाइम्स ने आगे लिखा, 'उन्हें पता होना चाहिए कि 1962 में दोनों देश लगभग बराबर ताकत के थे, लेकिन आज चीन की जीडीपी भारत की तुलना में पांच गुना है। चीन का रक्षा बजट भारत से तीन गुना अधिक है। चीन एक अत्यधिक औद्योगिक देश है, जबकि भारत अभी भी औद्योगिकीकरण के प्राथमिक चरण में है। चीन के अधिकांश उन्नत हथियारों को घरेलू स्तर पर निर्मित किया जाता है लेकिन भारत के सभी उन्नत हथियार आयात किए जाते हैं।'

चीन ने दिखाया दुस्साहस तो सेना कर सकती है फायरिंग, जवानों को दी गई पूरी छूट
आपको बता दें कि चीन के साथ लगती 3500 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तैनात सशस्त्र बलों को चीन के किसी भी आक्रामक बर्ताव का मुंहतोड़ जवाब देने की पूरी आजादी दी गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ लद्दाख में हालात पर उच्च स्तरीय बैठक के बाद सूत्रों ने यह जानकारी दी थी। रक्षा मंत्री के साथ इस बैठक में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे, नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया ने हिस्सा लिया था। 

भारत ने सीमा से सटे इलाकों में भेजा लड़ाकू विमान और अतिरिक्त सैनिक
पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून को चीन के साथ हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिकों के शहीद होने के बाद भारत ने चीन से लगती सीमा पर अग्रिम इलाकों में लड़ाकू विमान और हजारों की संख्या में अतिरिक्त सैनिकों को भेजा है। गलवान घाटी में हिंसा 45 वर्षों में सीमा पार हिंसा की सबसे बड़ी घटना है और इससे दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। हालात के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीन को कड़ा संदेश दिया है कि भारत शांति चाहता है लेकिन अगर उकसाया गया तो मुंह तोड़ तवाब देने में सक्षम है।

 

 

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  • Web Title:India gives soldiers permission to shoot at LAC China gives peace calls for peace agreements