अपडेट विदेश: भारत ईयू के बीच एफडीआई पर जांच संबंधी कार्य पूरा : गोयल
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ ने एफडीआई की जांच-पड़ताल से जुड़े एक महत्वपूर्ण कार्य को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने निवेश को बढ़ाने के लिए श्रेष्ठ उपाय साझा किए हैं। जयशंकर ने मजबूत साझेदारी और जोखिम कम करने पर जोर दिया।

नोट: खबर में जोखिम कम करने को मजबूत साझेदारी जरूरी बॉक्स जोड़ा गया है। नई दिल्ली, एजेंसी।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि भारत और 27 देशों वाले यूरोपीय संघ ने एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) की जांच-पड़ताल से जुड़े एक महत्वपूर्ण कार्य को पूरा कर लिया है।
भारत और ईयू के बीच व्यापार समझौता
उन्होंने बताया कि निवेश को और तेज करने के लिए दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के साथ बेहतरीन तौर-तरीके साझा किए हैं। ब्रसेल्स में तीसरी ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (टीटीसी) की बैठक के बाद केंद्रीय उद्योग मंत्री ने कहा कि काउंसिल ने दोनों पक्षों को चर्चा से आगे बढ़कर ठोस नतीजे हासिल करने में मदद की है।
उन्होंने कहा कि ईयू और भारत दोनों ही कुछ अहम क्षेत्रों में निर्भरता से जुड़े जोखिम को कम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। टीटीसी आज हमारे आपसी सहयोग का एक अहम स्तंभ है। व्यापार से जुड़े मामलों को देखने वाले कार्यकारी समूह ने लगातार और ठोस प्रगति की है। गोयल ने कहा कि दोनों पक्ष यह पक्का करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि उनका काम सभी क्षेत्रों में नतीजे देने वाला हो, जैसे कि बाजार तक पहुंच, तालमेल, सप्लाई चेन की अहम ज़रूरतों को लागू करना आदि। उद्योग मंत्री गोयल ने विदेश मंत्री एस जयशंकर और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के साथ मिलकर टीटीसी की मंत्री समूह की मीटिंग की सह-अध्यक्षता की।
खतरों को कम करने के उपाय
ब्रुसेल्स। भारत और यूरोपीय संघ-भारत व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की बैठक के बाद जयशंकर ने जोखिम कम करने, मजबूत सप्लाई चेन और भरोसेमंद साझेदारी पर जोर दिया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। इसमें उत्पाद की सीमित स्रोत पर निर्भरता और बाजार के उतार-चढ़ाव की चिंताएं शामिल हैं। इसका समाधान अलग-अलग तरह के उत्पादों के जरिए जोखिम कम करने और भरोसेमंद मार्केट सुनिश्चित करने में है। उन्होंने कहा कि बहु धुव्रीय दुनिया में आर्थिक और तकनीकी अहमियत को समझना जरूरी है।
ऐतिहासिक वर्ष में भारत-ईयू संबंध
उद्योग मंत्री बोले- यह ऐतिहासिक वर्षब्रसेल्स में तीसरी भारत-ईयू व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की मंत्री स्तरीय बैठक के समापन के बाद उद्योग मंत्री गोयल ने कहा कि ईयू और भारत के संबंधों में यह एक ऐतिहासिक वर्ष है। उन्होंने कहा कि हमने सभी व्यापार समझौतों में सबसे बड़े समझौते को अंतिम रूप दिया, जिसे वॉन डेर लेयेन ने ईयू-भारत मुक्त व्यापार समझौता कहा है।


