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5 जुलाई, 2020|3:40|IST

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जानें कैसे, चीन की घेरेबंदी के बीच बढ़ रही भारत की कूटनीतिक ताकत

narendra modi and xi jinping   ap file photo

भारत की कूटनीतिक ताकत लगातार बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। एक तरफ चीन की घेरेबंदी का संदेश दुनिया के प्रभावी देश दे रहे हैं। वहीं भारत नई वैश्विक व्यवस्था का संकेत देती दुनिया में अहम भूमिका में उभरता नजर आ रहा है। ताजा घटनाक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी - 7 देशो के समूह को जी - 11 मे बदलने का संकेत देते हुए इसमें भारत को शामिल करने को कहा है। भारत इस ताकतवर समूह में शामिल हुआ, तो उसकी कूटनीतिक अहमियत काफी बढ़ जाएगी।

अमेरिका के सहयोग से भारत पहले भी कई अहम रणनीतिक समूहों में शामिल हो चुका है। जी - 7 मे अभी अमेरिका के साथ कनाडा, फ्रांस जर्मनी, इटली, जापान और यूके शामिल हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह जी-7 सम्मेलन को फिलहाल सितंबर तक टालने जा रहे हैं। इससे पहले वह भारत, ऑस्ट्रेलिया, रूस और दक्षिण कोरिया को बैठक के लिए आमंत्रित करना चाहते हैं। बता दें कि 46वां जी-7 शिखर सम्मेलन का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 10 जून से 12 जून तक प्रस्तावित था। चीन जी - 7 और जी - 8 जैसे समूहों में शामिल नहीं है।

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चीन को संदेश
अमेरिका से आए संदेश के बीच एक दूसरा प्रभावी संकेत ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने समोसा डिप्लोमेसी के जरिए दिया। उन्होंने भारतीय समोसा बनाकर ट्विटर पर पोस्ट किया। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने रविवार (31 मई) को समोसे के साथ तस्वीर पोस्ट की और कहा कि वह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इसे साझा करना चाहेंगे। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवाब में कहा है कि वह कोविड-19 को हराने के बाद उनके साथ समोसे का आनंद लेंगे। ऑस्ट्रेलिया का भारत के साथ बढ़ता रुझान चीन के लिए संदेश भी है।

रणनीतिक मोर्चेबंदी बढ़ेगी
माना जा रहा है कि क्वाड में शामिल भारत और ऑस्ट्रेलिया अपनी रणनीतिक साझेदारी का विस्तार करेंगें। भारत ने कोविड 19 के स्रोत की जांच के ऑस्ट्रेलियाई प्रस्ताव का समर्थन किया था। दोनों देश दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती दादागिरी के खिलाफ रणनीतिक चर्चाओं में शामिल रहे हैं।

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क्वाड के सदस्यों की आपसी समझ बढ़ी
भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया चार देशों के समूह क्वाड के सदस्य हैं। अमेरिका इस समूह को भी ज्यादा ताकत और सैन्य स्वरूप देने की इच्छा जाहिर करता रहा है। चीन क्वाड को हमेशा अपने खिलाफ मोर्चाबंदी के रूप में देखता रहा है।

चार जून को दोनों नेताओं के बीच होगी वार्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री स्कॉट मॉरिसन चार जून को एक वीडियो-लिंक के माध्यम से द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन करेंगे। दोनों नेताओं के बीच भारत-ऑस्ट्रेलिया शिखर सम्मेलन में आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा होगी।

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यहां भी होगा मजबूत
भारत को अगले महीने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की पांच अस्थाई सीटों में से एक मिलना करीब करीब तय है। अगले महीने नई चुनाव प्रक्रिया के तहत चुनाव होने हैं और एशिया प्रशांत सीट से इकलौता दावेदार भारत ही है। हालांकि भारत संयुक्त राष्ट्र की स्थाई सदस्यता की दावेदारी करता रहा है, लेकिन चीन सहित कुछ देश यहां भारत की राह में रोड़ा खड़ा करते हैं। गौरतलब है कि अमेरिका भारत के बीच सामरिक सहयोग लगातार बढ़ रहा है। भारत अमेरिका के साथ तमाम रणनीतिक वैश्विक समूहों में शामिल है।

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  • Web Title:India diplomatic power target China