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हिंदी न्यूज़ देशताइवान की घेराबंदी कर रहे चीन को भारत ने दी चेतावनी, लद्दाख में हवाई सीमा का उल्लंघन न करना

ताइवान की घेराबंदी कर रहे चीन को भारत ने दी चेतावनी, लद्दाख में हवाई सीमा का उल्लंघन न करना

चीनी सैन्य विमानों ने जून के अंतिम सप्ताह में लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा के 10 किमी के भीतर उड़ान भरी थी। भारतीय वायुसेना ने चीन के इस लड़ाकू विमानों को इलाके से खदेड़ दिया था।

ताइवान की घेराबंदी कर रहे चीन को भारत ने दी चेतावनी, लद्दाख में हवाई सीमा का उल्लंघन न करना
Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 05 Aug 2022 07:49 PM
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लद्दाख में हवाई क्षेत्र के उल्लंघन को लेकर भारत ने चीन को साफ शब्दों में कहा है कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। भारत और चीन के बीच मंगलवार को पूर्वी लद्दाख स्थित चुशूल मोल्डो में सैन्य स्तरीय विशेष वार्ता हुई थी। इसमें भारत के वायु क्षेत्र के उल्लंघन का मुद्दा मुठा था। चीनी सैन्य विमानों ने जून के अंतिम सप्ताह में लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा के 10 किमी के भीतर उड़ान भरी थी। भारतीय वायुसेना ने चीन के इस लड़ाकू विमानों को इलाके से खदेड़ दिया था। 

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अब इस मुद्दे पर बैठक हुई है। मंगलवार को लद्दाख में हुई ताजा वार्ता में यही मुद्दा उठा कि दोनों पक्षों को किसी भी ऐसी ही घटना से बचना चाहिए। चीन पिछले कुछ महीनों से तिब्बत क्षेत्र में प्रमुख सैन्य अभ्यास कर रहा है, जिसमें वायु सेना भी शामिल है। वे तिब्बत में अपने हवाई अड्डों में बुनियादी ढांचे का निर्माण भी कर रहे हैं। बता दें कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के 10 किलोमीटर के अंदर ही लड़ाकू विमान उड़ाने पर सहमति है, लेकिन चीनी विमानों ने बीते डेढ़ माहों में इसका उल्लंघन किया है। भारतीय पक्ष ने चीन से कहा कि वह वायु क्षेत्र के उल्लंघन जैसी उकसाने वाली गतिविधियों से परहेज करे। 

एएनआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा, "सैन्य वार्ता के दौरान, भारतीय पक्ष ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर के पास एक महीने से अधिक समय से चीनी उड़ान गतिविधियों पर कड़ी आपत्ति जताई और उन्हें इस तरह की भड़काऊ गतिविधियों से बचने के लिए कहा।" दोनों पक्षों के बीच बातचीत में सेना के प्रतिनिधियों के साथ-साथ दोनों पक्षों के वायुसेना अधिकारी भी शामिल थे। जहां भारतीय वायुसेना का प्रतिनिधित्व ऑपरेशन ब्रांच के एयर कमोडोर अमित शर्मा ने किया, वहीं पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) वायु सेना ने चर्चा के लिए एक समकक्ष रैंक के अधिकारी को भेजा था।

दरअसल इससे पहले रिपोर्ट आई थी कि चीनी वायुसेना के एक विमान ने पूर्वी लद्दाख में तैनात भारतीय जवानों के बेहद करीब से उड़ान भरी। यह घटना जून के आखिरी हफ्ते में एलएसी के करीब हुई थी। मामला सामने आने के बाद भारतीय वायुसेना ने इसको लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। सूत्रों का कहना है कि यह घटना ऐसे समय में हुई थी, जब चीनी वायुसेना पूर्वी लद्दाख से जुड़ी सीमा पर सैन्य अभ्यास में जुटी हुई है। इस दौरान तमाम फाइटर जेट और एस-400 जैसे एयर डिफेंस सिस्टम जैसे रक्षा हथियार इस्तेमाल किए जा रहे हैं। 

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रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय सेना की ओर से फायर एंड फ्यूरी कोर के तहत एक प्रमुख जनरल रैंक के अधिकारी ने बैठक में भाग लिया। हाल ही में, IAF प्रमुख एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी ने कहा था, "जब भी हम पाते हैं कि चीनी विमान या रिमोट से पायलट एयरक्राफ्ट सिस्टम (RPAS) LAC के थोड़ा बहुत करीब आ रहे हैं, तो हम भी अपने लड़ाकू विमानों को भेज देते हैं और उचित उपाय अपनाते हैं। हम हमेशा हाई अलर्ट पर रहते हैं। इससे वे वापस भाग जाते हैं।"

भारत और चीन के बीच ये अहम वार्ता ऐसे समय में हुई है जब चीन ताइवान की घेराबंदी करने में जुटा है। चीन ने इस सप्ताह की शुरुआत में ताइवान की यात्रा किए जाने को लेकर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी पर शुक्रवार को प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। उसने यह भी कहा कि पिछले दो दिनों में ताइवान के आसपास 100 से अधिक लड़ाकू विमानों और 10 युद्धपोतों ने बड़े पैमाने पर हुए सैन्य अभ्यास में हिस्सा लिया है।

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