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India-China Standoff: लद्दाख में सीमा विवाद पर बोली सरकार, यथास्थिति में एकतरफा बदलाव करना चाहता है चीन

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीPublished By: Madan Tiwari
Thu, 03 Sep 2020 06:48 PM
India-China Standoff: लद्दाख में सीमा विवाद पर बोली सरकार, यथास्थिति में एकतरफा बदलाव करना चाहता है चीन

पूर्वी लद्दाख की वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर मई की शुरुआत से जारी भारत-चीन के बीच सीमा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। चीन लगातार सीमा पर उकसावेपूर्ण कार्रवाई कर रहा है। हालांकि, भारतीय जवान उसकी हर हरकत को विफल करते हुए जवाब दे रहे हैं। अब एक बार फिर से केंद्र सरकार ने चीन पर निशाना साधा है। सरकार ने कहा है कि चीन का मकसद यथास्थिति में एकतरफा बदलाव करना है।

चीन के साथ सीमा विवाद पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'चीन की गतिविधियों का मकसद यथास्थिति में एकतरफा बदलाव करना है। यह साफ है कि बीते चार महीने में हमने जो हालात देखे हैं, वे स्पष्ट रूप से चीनी पक्ष की गतिविधियों का नतीजा हैं।'

विदेश मंत्रालय ने पूर्वी लद्दाख में गतिरोध पर कहा कि जिम्मेदाराना तरीके से पूरी स्थिति को संभाला जाना चाहिए। श्रीवास्तव ने कहा, 'हम पुरजोर तरीके से चीन से आग्रह करते हैं कि वह पूरी तरह पीछे हटकर सीमा पर तेजी से शांति बहाली के लिए  गंभीरता से भारतीय पक्ष का साथ दे।' प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि चीन के साथ सीमा विवाद मामले में आगे भी बातचीत जारी रहेगी। भारत बातचीत के जरिए सभी मुद्दों का हल निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। 

दोनों पड़ोसी देशों के बीच सीमा पर उस समय स्थिति और बिगड़ गई थी, जब जून के मध्य में भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हिंसक झड़प हो गई थी। इस झड़प में 20 जवान शहीद हो गए थे, तो वहीं चीन के भी कई सैनिक मारे गए थे। इसके बाद, दोनों पक्षों में कई स्तर की वार्ता हुई थी। एनएसए अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी और शीर्ष सैन्य स्तर की बातचीत के बाद, चीनी सेना कुछ इलाकों से पीछे हटी थीं। हालांकि, फिर से 29-30 अगस्त की रात और 31 अगस्त को चीनी सैनिकों ने पैंगोंग सो क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसे भारतीय जवानों ने विफल कर दिया था।

श्रीवास्तव ने मंगलवार को कहा था कि चीन के पीपुल्स लिवरेशन आर्मी ने एक बार फिर उकसावे वाली कार्रवाई की जब स्थिति सामान्य करने के लिए कमांडर चर्चा कर रहे थे। चीनी प्रयासों के बाद भारतीय सेना ने पैंगोंग सो के दक्षिणी तट पर कम से कम तीन सामरिक महत्व की ऊंचाइयों पर अपनी स्थिति को मजबूत कर लिया है।

यह पूछे जाने पर कि क्या विदेश मंत्री एस जयशंकर मास्को में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की 10 सितंबर को होने वाली विदेश मंत्रियों की बैठक में जायेंगे, श्रीवास्तव ने कहा, 'हां, वे 10 सितंबर को होने वाली बैठक में हिस्सा लेंगे।' गौरतलब है कि एससीओ आठ देशों का क्षेत्रीय संगठन है जिसमें भारत और चीन भी शामिल हैं।

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