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21 सितम्बर, 2020|5:49|IST

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India-China Standoff: भारत-चीन तनाव के बीच सेना में क्यों शामिल किए जा रहे दो कूबड़ वाले ऊंट? जानें इनकी खासियतें

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पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर गश्त करने में सैनिकों की मदद के लिए लद्दाख के प्रसिद्ध दो कूबड़ वाले ऊंटों को जल्द ही भारतीय सेना में शामिल किया जाएगा। लेह में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने दो कूबड़ या बैक्ट्रियन ऊंटों पर रिसर्च की है, जो पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में 17,000 फीट की ऊंचाई पर 170 किलोग्राम भार उठा सकते हैं।

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए डीआरडीओ के वैज्ञानिक प्रभु प्रसाद सारंगी ने कहा, 'हम दो कूबड़ वाले ऊंटों पर रिसर्च कर रहे हैं। वे स्थानीय जानवर हैं। हमने इन ऊंटों की धीरज सहने और भार उठाने की क्षमता पर शोध किया है। हमने पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में शोध किया है। चीन सीमा के पास 17,000 फीट की ऊंचाई पर पाया गया कि वे 170 किलो का भार ले जा सकते हैं और इस भार के साथ वे 12 किलोमीटर तक गश्त कर सकते हैं।'

इसके अलावा, इन स्थानीय दो कूबड़ वाले ऊंटों की तुलना एक कूबड़ वाले ऊंटों से भी की गई थी, जिन्हें राजस्थान से लाया गया था। ये ऊंट भोजन और पानी की कमी के कारण तीन दिनों तक जीवित रह सकते हैं।

सारंगी ने कहा, 'अब डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ हाई एल्टीट्यूड रिसर्च (DIHAR) इन दो कूबड़ वाले ऊंटों की आबादी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।' उन्होंने कहा कि परीक्षण किया जा चुका है और इन ऊंटों को जल्द ही सेना में शामिल किया जाएगा। इन जानवरों की आबादी कम है, लेकिन प्रजनन के बाद जब हम संख्या में पहुंच जाएंगे, तब इन्हें शामिल किया जाएगा।

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बता दें कि अभी तक भारतीय सेना इन दो कूबड़ वाले ऊंटों का इस्तेमाल गश्त करने के दौरान नहीं करती थी। अभी तक सेना पारंपरिक रूप से क्षेत्र के खच्चरों का इस्तेमाल करती है, जोकि लगभग 40 किलोग्राम भार ले जाने की क्षमता रखते हैं। 

दोनों देशों के बीच जारी है तनाव

भारत और चीन के बीच अप्रैल महीने से वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव की स्थिति कायम है। जून के मध्य में गलवान घाटी में दोनों पक्षों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए थे। इस टकराव में भारत के 20 जवान शहीद हो गए, जबकि चीन के भी कई सैनिक मारे गए थे। वहीं, अगस्त के अंत और सितंबर महीने की शुरुआत में भी लद्दाख में चीनी सेना ने घुसपैठ की नाकाम कोशिश की थी। वहीं, पिछले एक महीने में सीमा पर तीन बार गोलीबारी हो चुकी है। तनाव को देखते हुए भारत ने लद्दाख में सैन्य ताकत को भी बढ़ा दिया है।

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  • Web Title:India-China Standoff: Double hump camel soon to be inducted into Indian Army to help patrol India-China border